ई-वाणिज्य वेबसाइटों का प्रयोग करने से संबंधित डिजिटल वाणिज्य पाठ्यक्रम की विषयवस्तु बनाने हेतु अपने सुझाव दें

Give suggestions for creation of content for digital marketing course in using e-commerce site
Last Date Jan 17,2015 04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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कार्यक्रम के उद्देश्य ...

कार्यक्रम के उद्देश्य

आज का युग डिजिटल संसार का युग है जहाँ सभी उद्योग ग्राहक सहभागिता पर पूर्ण रूप से निर्भर करते हैं। ग्राहक ऑनलाइन विज्ञापनों, सोशल मीडिया, ई-मेल, मोबाइल द्वारा किये जाने वाले विपणन(मोबाइल मार्केटिंग) इत्यादि माध्यमों के द्वारा इसका हिस्सा बन गए हैं। इन स्रोतों को सफल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि इन सभी माध्यमों को योजनागत रूप से और एकीकृत कर क्रियान्वित किया जाए।

एनआईईएलआईटी, भारत सरकार के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग(डीईआईटीवाई) द्वारा संचालित संस्था है जो मानव संसाधन के आईटी; इलेक्ट्रॉनिक्स; संचार प्रौद्योगिकी; हार्डवेयर; साइबर कानून; साइबर सुरक्षा; आईपीआर; जीआईएस; क्लाउड कम्प्यूटिंग; ईएसडीएम; ई-शासन, अन्य संबंधित कार्यक्षेत्र जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। अधिक जानकारी http://nielit.gov.in से प्राप्त करें।

एनआईईएलआईटी द्वारा ग्रामीण लोगों के लिए ई-वाणिज्य वेबसाइटों के प्रयोग से संबंधित डिजिटल वाणिज्य पाठ्यक्रम का एक प्रारूप तैयार किया गया है जिसके अंतर्गत उन्हें कंप्यूटर की बुनियादी शिक्षा प्रदान की जाएगी जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सूक्ष्म और लघु उद्योगों में लगे लोगों के बीच कंप्यूटर के प्रयोग को बढाया जा सके और जिससे वह डिजिटल मीडिया का प्रयोग दुनियाभर में भारतीय उत्पादों के विपणन के लिए कर सके। पाठ्यक्रम की समाप्ति पर सदस्य उत्पादों के विपणन के लिए कंप्यूटर का प्रयोग कर पाएँगे और साथ ही उत्पादों के प्रदर्शन और उनको बेचने के लिए पारंपरिक विपणन तरीकों के स्थान पर ई- वाणिज्य वेबसाइटों के प्रयोग में व्यापारियों और कारीगरों की सहायता कर पाएँगे।

कार्यक्रम निम्नलिखित पर केन्द्रित है -

1. ग्रामीण क्षेत्रों के कारीगर समुदाय पर।

2. उन वेब विक्रेताओं पर जो ई-मार्केटिंग के माध्यम से अपने व्यवसाय की पहुँच बढ़ाना चाहते हैं।

3. ई-मार्केटिंग क्षेत्र में रोज़गार के अवसर तलाश रहे व्यक्तियों पर।

एनआईईएलआईटी इस पाठ्यक्रम की विषयवस्तु से संबंधित प्रारूप पर आपकी टिप्पणियां चाहता है।

आप इसका प्रारूप यहाँ देख सकते हैं- http://cdn.mygov.nic.in/bundles/frontendgeneral/pdf/tentative-course-out...

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mahender gupta 4 साल 9 महीने पहले

Sir, e commerce will give big boost to revenues of govt, direct n indirect taxes will go up huge.but pl make mandatory for e commerce companies to buy fm smes. Bcs I sense after gst next year, small scale sector will go down n more job losses can b seen in this sector, bcs gst will help only big companies , which r facing burden of high indirect taxes like, vat, excise, octroi etc. Pl keeo in mind this. E commerce can give boost to small units.

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asis pati 4 साल 9 महीने पहले

Make one library in each village(or2\3 closed village).provide internet connection to the library, appoint one village student in that.use indian post more versatile for e- commerce business in digital India plan.first introduce in sansad adarsha gram yojana in 700➕ village then look the feedback.

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sujai g pillai 4 साल 9 महीने पहले

To create Village Level entrepreneurs and to spread e-literacy "One Library Per Village " and NASSCOM conducted "Digital Literacy Week" in 2 Libraries in kerala . more than 200 people participated in event and got trained in various digital tools. Most of participants were Housewives. http://digitalliteracyweek.blogspot.in ... one or two day training wont make villagers digital literate, Libraries can converted as collaborative learning centers where people learn from peers

800
SANJAY SINGHAL 4 साल 9 महीने पहले

SIR, I AM SUBSCRIBE OF MTNL DELHI PH N0. 28312898 WITH BROADBAND WHICH IS TOTALLY DEAD SINCE 22ND FEB. EVEN I COMPLAINT ON FRS MTNL AND PG PORTAL BUT TILL DATE ITS STILL NOT WORKING. I AM CA AND TRIED MY LEVEL BEST BUT NO OFFICER OF MTNL IS TAKING INITIATIVE. MY WORRY IS THAT I AM LITERATE PERSON WHO LIVES IN NC OF DELHI & TAKES ALL STEPS BUT MTNL IS NOT TAKING ACTION TO REPAIR IT THEN HOW DIGITAL INDIA PROGRAM WILL BE SUCCESSFUL WITH THESE TYPE OF IRRESPONSIBLE OFFICERS IN RURAL INDIA.

1300
Kinchit Arora 4 साल 9 महीने पहले

There are various open-source scripts available for e-commerce websites. The tutorials as well are flooded in youtube.
I am about to start an initiative for the free open-source scripts for e-commerce and also will show it's contents on how it can be created. Please let me know if someone wants to start the business for handlooms in rural area. I will guide them, give them training and will create a platform at least possible cost. yours.akshit@gmail.com

1940
Abakash Biswas 4 साल 9 महीने पहले

People who perform craft and related works to gain their livelihood can with the help of government put up a website for online selling of their products. The government should also help the poor in terms of exporting and shipping facilities. The beginners can avail an easy loan to startup their business.Some of the unemployed Software, Computer, Networking can be given job so as to provide the rural people with the power of internet in the modern era.

1800
ANIL CK BOCCARO 4 साल 9 महीने पहले

എല്ലാ ഭാഷകളും തമ്മില്‍ വിവര്‍ത്തനവും പരിഭാഷയും സാധ്യമാക്കുക. ആണ്രോയിഡ് മൊബൈല്‍ സാക്ഷരരാക്കുക മൊബൈല്‍ ഫോണ്‍ ഡെബിറ്റ് ക്രഡിറ്റ് കാര്‍ഡുകളായി പരിവര്‍ത്തനം ചെയ്യുക .മൊബൈല്‍ മണി യാക്കുക.എല്ലാ പണമിടപാടുകളും മൊബൈല്‍ വഴി യാക്കുക .വൈഫൈ സൌകര്യം വര്‍ദ്ധിപ്പിക്കുക പാഴ്സല്‍ സൌകര്യം ശക്തമാക്കുക.അസംസ്കൃ തവസ്തുക്കള്‍ വാങ്ങിയ വില സംസ്കരണ ചിലവ് ലാഭം ഇവ ഉത്പന്നത്തി ന്‍റെമുകളില്‍ രേഖ പെടുത്തുക സൂര്യന്‍ ജലം സംസ്കരിച്ചു തുല്യമായി വിതരണം ചെയ്യുന്ന പോലെ സംസ്കരണശാലകളെ സൂര്യനായി കാണുക