एच॰आई॰वी॰ संक्रमित लोगों में शुरुआती स्तर में ही संक्रमण का पता कैसे लगाया जाए तथा उन्हें जल्द-से-जल्द एआरटी सुविधा कैसे प्रदान की जाए?

How to facilitate early detection of People Living with HIV (PLHIV) and put them on ART as soon as possible?
Last Date Nov 26,2014 04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत में लगभग 20.9 लाख व्यक्ति एच॰आई॰वी॰ से संक्रमित हैं। इनमें से ...

भारत में लगभग 20.9 लाख व्यक्ति एच॰आई॰वी॰ से संक्रमित हैं। इनमें से लगभग 30-35 प्रतिशत व्यक्तियों को यह नहीं पता है कि उन्हें एच॰आई॰वी॰ है। एच॰आई॰वी॰ संक्रमित होने के बाद 5-8 वर्ष की लंबी अवधि ऐसी होती है जिसमें व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने तक और उसे टी॰बी॰, डाइरिया, फंगल संक्रमण जैसी बीमारियाँ होने तक उसे इसके होने का पता नहीं चल पाता। अतः एच॰आई॰वी॰ से संक्रमित अधिकतर व्यक्ति रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाने के बाद एच॰आई॰वी॰ के अंतिम चरण में स्वास्थ्य केन्द्र जाते हैं और इसलिए उनको प्रदान किये जा रहे इलाज का परिणाम अनुकूल होने की संभावना बहुत कम होती है। इन व्यक्तियों को 5-8 वर्ष की लंबी अवधि में एच॰आई॰वी॰ संक्रमित होने की जानकारी नहीं होती इसलिए यह व्यक्ति असुरक्षित यौन संबंध से अपने जीवन साथी अथवा अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं।

पीएलएचआईवी संक्रमण का शुरुआती स्तर पर पता लगना न केवल संक्रमित व्यक्ति के लिए बल्कि समाज के लिए भी लाभकारी है। शुरुआती स्तर पर इसका पता लगने के बाद संक्रमित व्यक्ति को एआरटी जैसे उपचार समय पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं साथ ही समाज में इस संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।

हम समुदायों / गैर- सरकारी संगठनों / सीबीओ / नागरिकों तथा सर्वसाधारण से एच॰आई॰वी॰ संक्रमित लोगों में शुरुआती स्तर में ही संक्रमण का पता कैसे लगाया जाए तथा उन्हें जल्द-से-जल्द एआरटी सुविधा कैसे प्रदान की जाए से संबंधित सुझाव और विचार चाहते हैं।

विवरण देखें Hide Details
सभी टिप्पणियां देखें
रीसेट
1922 सबमिशन दिखा रहा है
35640
Premjith Prabhakaran 5 साल 7 महीने पहले

Dear PM, please help Dr.Ramakrishnan Madhusoodanan, a pioneering researcher in the field of HIV/AIDS. He is capable of curing HIV. Unfortunately, Govt of India is not supporting him at all! This man alone can save India from AIDS menace. Please help him and save India. https://in.linkedin.com/pub/ramakrishnan-madhusoodanan/1b/600/605 . His research is closely watched by foreigners, not Indias! What a pity!

49860
SUCHITRA RAGHAVACHARI 5 साल 7 महीने पहले

Sir, over the last decade awareness of HIV has increased. Some states, like Tamil Nadu, have made significant strides in decreasing the number of new cases by aggressively testing targeted high risk groups along with follow up medical care. It is essential to co-opt voluntary organisations to reach out to the community, to remove the stigma of the affliction and coerce them into getting tested & treated. Support groups of positive people, like in AA, should be started by local governments.

840
Arpit Goel 5 साल 11 महीने पहले

For Improving DRUGs issue, we need to modify our education system which was corrupted by MaCaulay. We need to add values in our education system. Education is not only about to get a job but to lead healthy and peaceful life(missing in our Education System). Go back to Vedic ways of learning and not for just earning money.

220
SURAJ SINHA 5 साल 11 महीने पहले

Nasha mukt bharat ka sapna kewal sankalp se hi pura ho sakta hai.iske liye gram star se lekar rajya star tak yuva bhagidaari se nasha mukt jivan ek sankalp sabha ka aayojan aur protsahan ki avasyakta hai.jo lagataar chalta rahe aur isme har varg ki bhaagidaari ho.sankalp hi kranti ka rup lekar yuva ko nashamukt jivan ke liye prerit karegi aur agli pidhi ke liye ek udaharan banegi ...jai hind.

420
sachin parab 5 साल 11 महीने पहले

Being a medical doctor with interest in field of addiction, I am working in the field of Deaddiction through Rajayoga Meditation of Brahmakumaris. Fortunate to train 5000 people across India & received 3 state level awards from Government of Maharashtra from 2012 to 2014. Instrumental in launching My India Addiction free India and My School Addiction free school. We have a team of dedicated people working across India who wants to make India Healthy, Addiction free & Clean.Together we can do it.