लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) में सुधार

Improving the Targeted Public Distribution System (TPDS)
Last Date Mar 04,2015 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
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लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित निम्नलिखित महत्वपूर्ण ...

लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित निम्नलिखित महत्वपूर्ण मुद्दों पर नागरिकों के सुझाव आमंत्रित हैं:

I लाभभोगियों की सही पहचान

(i) लाभभोगियों की पहचान हेतु व्यमक्तिवयों को सूची में शामिल करने/सूची से निकालने के मानदंड
(ii) लाभभोगियों की अनंतिम सूची बनाना, सूची को अंतिम रूप देना, इसका सत्याचपन करना एवं इसका प्रयोग करना
(iii) डिजिटीकृत लाभभोगियों/राशन कार्डों के डाटाबेस का प्रयोग और इनका सत्या पन
(iv) जाली/अपात्र राशन कार्डों को समाप्तड करने और पात्र लाभभोगियों को कार्ड जारी करने के लिए निरंतर समीक्षा
(v) राशन कार्ड सेवाओं के माध्यरम से डाटाबेस का स्वनचालित इलेक्ट्रॉ निक अपडेशन

II आपूर्ति श्रृंखला का सुदृढ़ीकरण

(i) राज्यों अथवा उनकी एजेंसियों द्वारा द्वार पर सुपुर्दगी (डोर स्टेप डिलीवरी) अर्थात एफसीआई/ मध्यवर्ती गोदामों से उचित दर दुकानों तक खाद्यान्नों की ढुलाई
(ii) आपूर्ति श्रृंखला में खाद्यान्नों की ट्रैकिंग के लिए नई पहलों का प्रयोग
(iii) उचित दर दुकानों पर खाद्यान्नों् की प्राप्तिक और वितरण की पुष्टिन और परवर्ती आवंटनों के लिए
इसका प्रयोग
(iv) सभी स्त रों पर जवाबदेही और जिम्मेोवारी निर्धारित करना
(v) आपूर्ति श्रृंखला प्रचालनों के प्रबंधन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग – गोदाम
प्रचालन (इनवेंटरी प्रबंधन, रिलीज़ आदेश, ट्रक चालान आदि) – उचित दर दुकान डीलरों द्वारा भुगतान (इलेक्ट्रॉ निक चालान, पेमेंट गेट-वे का प्रयोग आदि)

III अंतिम छोर तक सुपुर्दगी

(i) डीलरों को समुचित मार्जिन, गैर-पीडीएस वस्तुओं की बिक्री, प्रोत्साहनों आदि के माध्यम से उचित दर दुकानों की व्यवहार्यता में वृद्धि
(ii) कार्य कुशलता और कवरेज बढ़ाने के लिए एफ पी एस नेटवर्क, बुनियादी ढांचे तथा कार्य निष्पादन आदि में सुधार करना
(iii) उचित दर दुकानों के स्वामित्व का क्रमशः डी-प्राईवेटाइजेशन
(iv) वितरण में नई पहलें – थोक वितरण, निर्धारित तारीख को वितरण, सतर्कता समिति/पंचायती राज संस्थाओं के सदस्यों की उपस्थिति में वितरण, वितरण का मासिक प्रमाणन आदि
(v) उचित दर दुकानों पर लाभभोगियों की पहचान तथा खाद्यान्नों की सुपुर्दगी की पुष्टि हेतु सूचना प्रौद्योगिकी आधारित साधनों का प्रयोग
(vi) उचित दर दुकान की सभी प्रक्रियाओं का स्वचालन – बिक्री का ब्यौरा दर्ज करना, अगले आवंटन, निरीक्षण आदि के लिए रिकार्ड अद्यतन करना
(vii) लाभभोगी की पसंद के अनुसार किसी भी उचित दर दुकान पर पात्रता का उपयोग (पोर्टेबिलिटी)
IV सहभागी निगरानी और कार्यान्वयन

(i) सतर्कता समितियों को मजबूत बनाना और उनका प्रभावी कार्यचालन सुनिश्चित करना
(ii) पंचायती राज संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों, सिविल सोसाईटी की भूमिका में वृद्धि करना
(iii) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित समस्त सूचना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना
(iv) लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रचालनों की सम्पूर्ण निगरानी के लिए इलेक्ट्रॉ निक प्लैटफॉर्म का प्रयोग करना
(v) प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना – जिला शिकायत निवारण अधिकारी, राज्य खाद्य आयोग, कॉल सेंटर, टोल फ्री हेल्पलाईन आदि।
(vi) लाभभोगियों को उनकी पात्रताओं के बारे में जागरूक करना
(vii) चूक कर्ताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई – प्रशासन तथा प्रवर्तन मशीनरी को सुदृढ़ बनाना।

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3440
ramesh rajdar 4 साल 9 महीने पहले

आदरणीय प्रधानमंत्री जी, खाद्य सुरक्षा लागू करने के साथ लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार करना बहुत ही आवश्यक है, जिस तरह एल. पी. जी. को "पहल" के जरिये ऑन लाइन कर फर्जी सभी डोमेस्टिक यानि घरेलू कनेक्शन को समाप्त किया गया, ठीक उसी तरह टीपीडीएस को भी दुरुस्त करना होगा इससे अनाज की कालाबाजारी पर रोक लग जाएगी और देश को करोड़ों रुपये की बचत होगी, जिससे देश का विकास हो सकेगा ! इसी तरह किरोसिन तेल की कालाबाजारी और डीजल/पेट्रोल में मिलावट सहित उस पर सरकार की सब्सिडी की सीधी बचत होगी !

840
Santosh Kumar Soni_2 4 साल 9 महीने पहले

sarkar ko jarurt khadh padarth kaa mulya khud nirdharan karna chahiye. khali bil wagera lane se kuchh nahi hota hai , bajar me rate to coprate gharane hi tay karte hai . kahne ko population badhi hai magar pahle ki tulna me kheti bhi to badhi aur logon ki khurak ghati bhi hai . pahle se desh me anaj jyada ho raha hai magar jaata kahan hai aaj tak pata nahi chala .
yadi puri fasal ko sab logon ke hisab se divide karenge to koi bhi bhukha nahi rahega fir bhi kuchh log bhukhe sote hai.

1940
Shubham Gaud 4 साल 9 महीने पहले

Advantages agar dekhe jae to koi cost nai lagegi..or na koi intermediaries ki zanzat..hr city me ya gav me samajsevak to hote hi h jo sahayta k liye hamesha ready hote h..unhe agar hamare is soch se mila liya jae to ye ek bhot acha upaay h..jisse hamare desh ka bhotsa anaaj bachane me hum safalta paa sakte h..or mere hisaab se esa koi gav nai h jaha hotels ya restaurants nai h or jaha waste na jaata ho...

1940
Shubham Gaud 4 साल 9 महीने पहले

Aaj agar Food security pr discussion ho hi raha h to mera esa manna h ki aaj agar totality me dekha jaye to sbhi restraurants me roj bhot matra me acha quality ka khana daily fekne me jata h usse kisika pet bhar skta h.agar is pr bhi kuch socha jae to ye sabhi k liye ek acha kaam hoga or food wastage hone se acha vo kisi Langar ya bhojanalay me diya jae to desh me bukha koi nai so payega...iske piche meri itni hi ek soch h ki koi bhi insaan kabhi bukha sona nai chahiye.kuch galat ho to maaf kre.

540
kotha srinivas 4 साल 9 महीने पहले

To improve pds state r central govt should implement rice withdrawal machine like ATM Machine for this govt should give cards to public so dat they can withdraw from machine at ration shop
Advantages of machine:-
1.the dealers cant sell the rice in black market by this govt distribute rice effectivly to eligible ppl
2.there can not be any varation weight of rice,etc.
Limits:-
1.high cost for machines
2.may be problem for uneducated ppl
3.maintaince of machines can be problem

540
kotha srinivas 4 साल 9 महीने पहले

To improve pds state r central govt should implement rice withdrawal machine like ATM Machine for this govt should give cards to public so dat they can withdraw from machine at ration shop
Advantages of machine:-
1.the dealers cant sell the rice in black market by this govt distribute rice effectivly to eligible ppl
2.there can not be any varation weight of rice,etc.
Limits:-
1.high cost for machines
2.may be problem for uneducated ppl
3.maintaince of machines can be problem

520
Lakshmi Subramanian 4 साल 9 महीने पहले

PDS can be improved by many ways. First thing to do is to clean up the PDS system to define and enforce the eligiblity criteria for it. State Governemnts have done it 5 yrs before and it is not the same today.
Convert / Modernize the PDS shops and ensure Govt does a direct marketing system with launch of each PDS as super store, so PDS is open to all general public and subsidy is granted only to eligible people based on AADHAR or any other National identity.