सिविल सेवा दिवस के लिए सामाजिक क्षेत्र पर सत्र

Session on  Social Sector for Civil Service Day
Last Date Apr 07,2015 18:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
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हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया जाता है, जहाँ सिविल ...

हर साल 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस का आयोजन किया जाता है, जहाँ सिविल सेवक नागरिकों के हितों के लिए खुद को पुनःसमर्पित करते हैं और सार्वजनिक सेवाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता एंव नवीनीकृत को दोहराते है। इस श्रृंखला के 9 वें सिविल सेवा दिवस का आयोजन विज्ञान भवन नई दिल्ली में 20-21 अप्रैल, 2015 को किया जा रहा है।

इस सम्मेलन का उद्देश्य सिविल सेवा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करना, चर्चा करना और सुझावों का आदान प्रदान करना है। किसानों पर प्रस्तावित सम्मेलन के लिए निम्नलिखित विषयों पर सिविल सेवकों और जनता से सुझाव मांगें जा रहे हैः

स्वास्थ्य

1. ग्रामीण और शहरी भारत में - गुणवत्ता और सस्ती स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने में तीन मुख्य चुनौतियां क्या हैं?

2. महिलाओं की स्वास्थ्य सेवा में प्रमुख कमी क्या हैं? प्राथमिकता के आधार पर क्या और कैसे किया जाना चाहिए?

3. स्वास्थ्य के लिए अवसंरचना - हम लोगों तक पहुंचने के लिए पीपीपी की भूमिका में निजी क्षेत्र की भागीदारी को कैसे शामिल कर सकते हैं? अंतरराष्ट्रीय अनुभव क्या रहा है?

शिक्षा

1. क्या हमारी शिक्षा प्रणाली में लर्निग आउटकम में सुधार लाने पर आवश्यक ध्यान दिया जाता है? इस संबंध में क्या किया जाना चाहिए? हम कैसे भागीदारी और जवाबदेही ला सकते है?

2. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ - मुख्य चुनौतियां क्या हैं? हमारी योजनाएं कैसी है और उन्हें मध्यम और लंबी अवधि तक कैसे लागू कर सकते हैं?

पोषण

1. भारत में कुपोषण के लिए मुख्य कारण क्या है? हम इससे निपटने के लिए कैसी तैयारी कर रहे हैं?

2. साक्षरता गरीबी के बीच कुपोषण सहित स्वास्थ्य के मुद्दे पर काबू पाने में कैसे मदद कर सकती है?

3. कुपोषण से निपटने में अंतरराष्ट्रीय अनुभव कैसा रहा है?

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SARDAR GYAN RANJAN 4 साल 7 महीने पहले

सर,हालांकि विश्व में हमारी छवि दिन पे दिन अच्छी हो रही है किन्तु अंदुरुनी हालात सबको पता है
शिक्षा,स्वास्थ्य का स्तर लगातार गिर रहा है|संशाधन की कमी है ये अलग मुद्दा है किन्तु जो है उसको तो बेहतर किया जा सकता है।हमारी नियामक संस्थाओ को मजबूत बनाने की जरूरत है।गावों में अस्पताल के डॉक्टर गैरहाजिर हो अपना अस्पताल खोल गोरखधंधा कर रहे उनपर निगरानी की सख्त जरूरत है।ऐसे जगहों पर सबसे पहले बायोमेट्रिक अटेंडेंस की ब्यवस्था की जरूरत है।लचर नियामक व्यव्श्था को सुदृढ़ करने पर ध्यान देना जरूरी है।

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Rahul Agrawal 4 साल 7 महीने पहले

Lot of social service schemes have a dud outcome on ground as lower level bureaucracy makes their rules and regulation. I remember a case where i have to run 7 times to get by child birth certificate. Some time its a time issue, They work half day, i had to go 4 km to pay rs 2 to the bank as fees, Even rules and procedures are clear they ask for extra document. What should happen is application should be created online and fees online

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RizzTour andTravels 4 साल 7 महीने पहले

I as a Kashmir person also appreciate PM Modi, as i have seen Mr, Modi is doing good, I request Mr, Modi to Increase the Tourism Traffic in Kashmir which in turn Increase economy in Kashmir which will help to develop new schools in Kashmir
http://www.rizztourandtravels.com/

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pradeep Shah 4 साल 7 महीने पहले

As all know there is reservation category at every steps of Indian life, even the noble profession HEALTH SCIENCE, MAHARASHTRA has 53% category reservation, above MARATWADA, VIDARBHA reservation.
Then why there is no reservation in LOK SABHA, RAJYA SABHA & STATES VIDHAN SABHA why??? why???? why???????.
Respected, P.M. Mr Narendra Damodar Modi Sir, Pl. can you give reasons.

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pradeep Shah 4 साल 7 महीने पहले

We have stepped in 68th year of independence but our Indian baniya mind is way back in the 19th century. Why are the children of today punished for the deeds of their fore grandfather. The Knowledgeable & able are left for boot polish & the privileged reserved category unable clout the growth. How long the reservation category carry on...........

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sayed alam 4 साल 7 महीने पहले

Dear sir
Inclusive growth is essential for all the sections of the society. The two way planning process is the necessity of the present day i.e. multilevel planning as you are also getting valuable suggestion from the bottom to top from this web portal. Regards

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SUCHITRA RAGHAVACHARI 4 साल 7 महीने पहले

Sir, one way to overcome the shortage in rural health infrastructure will be to make rural health initiatives part of the CSR plan of corporate hospitals, private medical colleges, private labs, diagnostic centers and pharmaceuticals. Industries in SEZ's can have hospitals that also serve the local community.
As for women & girl children, village health nurses, midwife's, anganwadi workers can be trained & skilled to monitor their health, provide vaccination, check for anemia, worm infestations

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SUCHITRA RAGHAVACHARI 4 साल 7 महीने पहले

Sir, the western model of health delivery that we follow is not viable. We need to have 1.health post in all villages 2.trained village nurses 3.availability of life saving medicines 4.train ayurveda practitioners to meet basic medical needs 5.compulsory village service for every medical graduate, provided adequate infrastructure 6.compulsory immunisation 7.telemedicine facilities at all taluk hospitals 8.emergency ambulance facility in all districts with GPS 9.regular school health check ups.