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Inviting Ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 25th January 2026

Inviting Ideas for Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 25th January 2026
Start Date :
Jan 08, 2026
Last Date :
Jan 23, 2026
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)

Hon'ble PM Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on themes and issues that matter to you. Prime Minister invites you to share your ideas on topics he should address ...

Hon'ble PM Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on themes and issues that matter to you. Prime Minister invites you to share your ideas on topics he should address on the 130th Episode of Mann Ki Baat.

Send us your suggestions on the themes or issues you want the Prime Minister to speak about in the upcoming Mann Ki Baat episode. Share your views in this Open Forum or alternatively, you can also dial the toll-free number 1800-11-7800 and record your message for the Prime Minister in either Hindi or English. Some of the recorded messages may become part of the broadcast.

You can also give a missed call on 1922 and follow the link received in SMS to directly give your suggestions to the Prime Minister.

And stay tuned to Mann Ki Baat at 11:00 AM on 25th January 2026.

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Showing 1329 Submission(s)
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि हम परमाणु संयंत्रों की अपार शक्ति को 'अंतर-ग्रहीय यात्रा' (Interplanetary Travel) के ईंधन के रूप में विकसित करें, तो हम अन्य ग्रहों तक पहुँचने में सक्षम होंगे।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि हम परमाणु संयंत्रों की अपार शक्ति को 'अंतर-ग्रहीय यात्रा' (Interplanetary Travel) के ईंधन के रूप में विकसित करें, तो हम अन्य ग्रहों तक पहुँचने में सक्षम होंगे।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि हम परमाणु संयंत्रों की अपार शक्ति को 'अंतर-ग्रहीय यात्रा' (Interplanetary Travel) के ईंधन के रूप में विकसित करें, तो हम अन्य ग्रहों तक पहुँचने में सक्षम होंगे।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं। मेरा दृढ़ विश्वास है कि यदि हम परमाणु संयंत्रों की अपार शक्ति को 'अंतर-ग्रहीय यात्रा' (Interplanetary Travel) के ईंधन के रूप में विकसित करें, तो हम अन्य ग्रहों तक पहुँचने में सक्षम होंगे।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
विषय: परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग द्वारा अंतरिक्ष अन्वेषण और वैश्विक कल्याण हेतु प्रस्ताव आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
विषय: परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग द्वारा अंतरिक्ष अन्वेषण और वैश्विक कल्याण हेतु प्रस्ताव आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
विषय: परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग द्वारा अंतरिक्ष अन्वेषण और वैश्विक कल्याण हेतु प्रस्ताव आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं।
Dayakrishan Pandey
Dayakrishan Pandey 1 day 12 hours ago
विषय: परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग द्वारा अंतरिक्ष अन्वेषण और वैश्विक कल्याण हेतु प्रस्ताव आदरणीय प्रधानमंत्री महोदय, सादर प्रणाम। मैं आपका ध्यान एक ऐसे वैश्विक दृष्टिकोण की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जो न केवल भारत को बल्कि संपूर्ण मानवता को एक नए स्वर्णिम युग की ओर ले जा सकता है। मेरा यह प्रस्ताव परमाणु ऊर्जा के उस 'विशुद्ध स्वरूप' पर आधारित है, जिसका उपयोग हम विनाश के बजाय विकास और ब्रह्मांडीय विस्तार के लिए कर सकते हैं।
Priyanshu Sahu
Priyanshu Sahu 1 day 12 hours ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी मै प्रियांशु साहु राँची झारखण्ड से यहां युवा पीढ़ी के लोगो को काम नहीं मील जब की वै पूरी तरह से शिक्षित है और इस योग्य भी कि वो महीने का 20000 से 30000 रुपये तक काम कर सके पर यहां उसे काम ही नहीं मिलता
BHASI BAHULEYAN
BHASI BAHULEYAN 1 day 13 hours ago
Respected Pradhan Mantri Ji, I am writing to you with a sense of immense pride in our nation’s digital journey. I am a retired Range Forest Officer from the Kerala Forest Department. Though I have no formal background in coding, I have successfully developed a world-class financial management application called FinBillion, powered by the potential of Artificial Intelligence. FinBillion is my humble contribution to your vision of a “Viksit Bharat” and “Digital Swaraj.” It is a tool designed not for the elite, but for the common man—the farmers, the small shopkeepers, and the daily wage earners—so that financial discipline and planning become accessible to everyone. Pradhan Mantri Ji, your “Mann Ki Baat” has inspired millions of citizens like me to stay productive and innovative. I humbly request that you share the story of FinBillion on your esteemed platform. perusal. With profound regards and dedication to the Nation, Jai Hind.