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Promote cultural integration through language

Promote cultural integration through language
Start Date :
Jan 22, 2015
Last Date :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
Submission Closed

How can inter-linkages between education, culture and language be brought about in HE institutions. Some concrete suggestions on how this can be effectively implemented need to be ...

How can inter-linkages between education, culture and language be brought about in HE institutions. Some concrete suggestions on how this can be effectively implemented need to be specified.

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Showing 719 Submission(s)
Ankit Kumar_20
Ankit Kumar_20 11 years 2 days ago
किसी भी प्रकार की सम्पत्ति पर किसी भी व्यक्ति विशेष का स्वत्वाधिकार नहीं होना-रहना चाहिए । सभी किसी भी प्रकार सम्पत्ति का मालिकान सरकार का ही होना-रहना चाहिये फिर तो चोरी-लूट-डकैती अधिकतर मार-काट-बेइमानी-घुसखोरी आदि भ्रष्ष्टाचार सहज ही समाप्त हो जायेगा ।
Ankit Kumar_20
Ankit Kumar_20 11 years 2 days ago
भेद-दृष्टि को ही बदलने की तथा अभेददृष्टि स्थापित करने की व्यवस्था करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए ।
Sakshi_10
Sakshi_10 11 years 2 days ago
भेद-भाव रहित ‘एकल स्थिति’ हो सभी नागरिकों का एक ही धर्म, एक ही समाज, एक ही परिवार, एक ही दल, एक ही रीति-रिवाज, एक ही भाषा, एक समान ही उत्तम खान-पान एवं रहन-सहन तथा एक ही शिक्षा-दीक्षा अनिवार्यतः लागू होना चाहिए । भेद-दृष्टि को ही बदलने की तथा अभेददृष्टि स्थापित करने की व्यवस्था करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए ।
Sakshi_10
Sakshi_10 11 years 2 days ago
सभ्यता परक जीवन की शुरुआत सरल और रूचिकर मध्य भ्रष्टतायुक्त तथा अन्त विनाश में होता है जबकि संस्कृति परक जीवन की शुरुआत में कष्टकारक मध्य थोड़ा कठोर एवं अन्त आनन्द दायक, प्रतिष्ठा मर्यादा संस्थापक एवं कल्याण कारक होता है । संस्कृति सभ्यता से हर प्रकार से श्रेष्ठतर उत्थान परक और कल्याणकर होती है|
Sakshi_10
Sakshi_10 11 years 2 days ago
भेद-भाव रहित ‘एकल स्थिति’ हो सभी नागरिकों का एक ही धर्म, एक ही समाज, एक ही परिवार, एक ही दल, एक ही रीति-रिवाज, एक ही भाषा, एक समान ही उत्तम खान-पान एवं रहन-सहन तथा एक ही शिक्षा-दीक्षा अनिवार्यतः लागू होना चाहिए । भेद-दृष्टि को ही बदलने की तथा अभेददृष्टि स्थापित करने की व्यवस्था करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए ।
Milan Kumar_2
Milan Kumar_2 11 years 2 days ago
किसी भी प्रकार की सम्पत्ति पर किसी भी व्यक्ति विशेष का स्वत्वाधिकार नहीं होना-रहना चाहिए । सभी किसी भी प्रकार सम्पत्ति का मालिकान सरकार का ही होना-रहना चाहिये फिर तो चोरी-लूट-डकैती अधिकतर मार-काट-बेइमानी-घुसखोरी आदि भ्रष्ष्टाचार सहज ही समाप्त हो जायेगा ।
Milan Kumar_2
Milan Kumar_2 11 years 2 days ago
भेद-दृष्टि को ही बदलने की तथा अभेददृष्टि स्थापित करने की व्यवस्था करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए ।
Gautam Prasad
Gautam Prasad 11 years 2 days ago
सभ्यता परक जीवन की शुरुआत सरल और रूचिकर मध्य भ्रष्टतायुक्त तथा अन्त विनाश में होता है जबकि संस्कृति परक जीवन की शुरुआत में कष्टकारक मध्य थोड़ा कठोर एवं अन्त आनन्द दायक, प्रतिष्ठा मर्यादा संस्थापक एवं कल्याण कारक होता है । संस्कृति सभ्यता से हर प्रकार से श्रेष्ठतर उत्थान परक और कल्याणकर होती है|
Gautam Prasad
Gautam Prasad 11 years 2 days ago
भेद-भाव रहित ‘एकल स्थिति’ हो सभी नागरिकों का एक ही धर्म, एक ही समाज, एक ही परिवार, एक ही दल, एक ही रीति-रिवाज, एक ही भाषा, एक समान ही उत्तम खान-पान एवं रहन-सहन तथा एक ही शिक्षा-दीक्षा अनिवार्यतः लागू होना चाहिए । भेद-दृष्टि को ही बदलने की तथा अभेददृष्टि स्थापित करने की व्यवस्था करना सरकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए ।
Gautam Prasad
Gautam Prasad 11 years 2 days ago
सभ्यता परक जीवन की शुरुआत सरल और रूचिकर मध्य भ्रष्टतायुक्त तथा अन्त विनाश में होता है जबकि संस्कृति परक जीवन की शुरुआत में कष्टकारक मध्य थोड़ा कठोर एवं अन्त आनन्द दायक, प्रतिष्ठा मर्यादा संस्थापक एवं कल्याण कारक होता है । संस्कृति सभ्यता से हर प्रकार से श्रेष्ठतर उत्थान परक और कल्याणकर होती है|