प्रारंभ तिथि
24/07/2026 - 18:01
अंतिम तिथि
31/07/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
बंद सबमिशन
निर्मित:
24/07/2026
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Tune in to 136th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 26th July 2026
1 month 2 weeks ago
India’s Most Unexpected Startup Incubator
India proudly nurtures startups with innovation, funding, digital infrastructure, and world-class talent. It also offers one of the most unique incubation programs—a trademark application gets nearly two years to “grow” before it’s examined.
By then, the startup has tested the market, refined its product, hired a team, and perhaps even expanded overseas. The brand has already proven itself before anyone asks whether the trademark should proceed.
Maybe this is India’s own philosophy: don’t just examine an idea—let it mature first.
A startup ecosystem built for speed deserves an intellectual property system that can keep pace with its innovators.
1 month 2 weeks ago
Respected Prime Minister Shri Narendra Modi ji,
I am a teacher. I humbly suggest starting a nationwide "One Good Deed Every Week" movement. Every student, teacher, and citizen can perform one act of kindness each week and record it in a "Good Deed Diary." Small acts of service can build a more compassionate, responsible, and united India. If schools and colleges participate, this movement can inspire millions of young minds to contribute positively to society.
Thank you for inspiring the nation through Mann Ki Baat.
Jai Hind.
1 month 2 weeks ago
In our today's generation most of the students are involved in ordinary type of studies. Most of the students who pursue biology will choose mbbs or other medical related paths. One having maths will go towards engineering, similar to other field. Why don't we can embrace more participation in the other fields like pure science. Astrophysics, graphics design, and other undergoing skills. Why don't in schools teachers teach us about different subjects other than of textbooks.
1 month 2 weeks ago
विषय: आंगनवाड़ी सेविकाओं के लंबित मानदेय के भुगतान, मानदेय में वृद्धि एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में निवेदन
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
सादर प्रणाम।
मैं श्रीमती गीता कुमारी, जिला बेगूसराय, प्रखंड मटिहानी, सेक्टर 6, केंद्र संख्या 79, बिहार राज्य में वर्ष **2004 से आंगनवाड़ी सेविका के पद पर कार्यरत हूँ। विगत 4–5 महीनों से मुझे मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। वर्तमान में मेरा मानदेय लगभग ₹9,000 प्रतिमाह है, जो आज की बढ़ती महंगाई के परिप्रेक्ष्य में अत्यंत अपर्याप्त है। कई महीनों से मानदेय का भुगतान न होने के कारण मुझे तथा मेरे जैसी अनेक आंगनवाड़ी सेविकाओं को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
आंगनवाड़ी सेविकाएँ बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, टीकाकरण, कुपोषण उन्मूलन तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वर्ष 2004 से निरंतर सेवा देने के बावजूद हमारा मानदेय अत्यंत कम है, जिससे सम्मानपूर्वक जीवन-यापन करना कठिन हो गया है। इसके साथ ही हमें समय पर भुगतान, सेवा सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा
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1 month 2 weeks ago
संगठन का विवरण
• नाम: योग वर्ल्ड बुक ऑफ योग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स (Yoga World Book of Yoga World Records)
• महत्व: पोस्टर पर दिए विवरण के अनुसार, यह 'गिनीज बुक' या 'लिम्का बुक' की तरह ही काम करता है। यह दुनिया की इकलौती ऐसी एकल किताब (Single Book) है जो केवल योग से जुड़े विश्व रिकॉर्ड को प्रमाणित करती है।
• संस्थापक एवं सीईओ (Founder & CEO): श्री राकेश भारद्वाज (Mr. Rakesh Bhardwaj)
• अंतरराष्ट्रीय समन्वयक (International Coordinator): अंतरराष्ट्रीय योग गुरु सुनील सिंह (International Yoga Guru Suneel Singh)
डॉ. अनुराग कपिल की भूमिका (Advisory Board Member)
इस वैश्विक स्तर की रिकॉर्ड संस्था के नीति-निर्धारण और प्रमाणन पैनल में डॉ. अनुराग कपिल को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है:
• नाम: डॉ. अनुराग कपिल (Dr. Anurag Kapil)
•
सलाहकार बोर्ड के अन्य मुख्य सदस्य
इस बोर्ड में देश के विभिन्न राज्यों के जाने-माने योग विशेषज्ञों को शामिल किया गया
1 month 2 weeks ago
आयोजन का विवरण
• कार्यक्रम का नाम: योग उत्सव चण्डीगढ़-2017 (North Zone)
• आयोजन की तिथि: 17 से 19 मार्च, 2017
• आयोजक संस्था: इंटरनेशनल ब्रह्मर्षि मिशन (पंजी०), सेक्टर 19-ए, चण्डीगढ़ (यह एक विश्व विख्यात संस्था है जिसे इस उत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी मिली थी)।
• मुख्य विनीत/हस्ताक्षरकर्ता: डॉ. दिनेश ब्रह्मचारी (अंतर्राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि मिशन, चण्डीगढ़)
• पत्र की तिथि: 15 मार्च, 2017
कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और महत्व
• राष्ट्रीय संकल्प: भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प के तहत भारत सरकार द्वारा पूरे देश में 10 बड़े योग उत्सवों के आयोजन की योजना बनाई गई थी।
• मंत्रालय की देखरेख: इसकी संपूर्ण व्यवस्था और देखरेख आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा की जा रही थी।
• लक्षित क्षेत्र (North Zone): इस विशिष्ट क्षेत्रीय उत्सव में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं चण्डीगढ़ को संयुक्त रूप से शामिल किया गया था, जिसमें 3 दिनों में लगभग 10 हजार योग प्रेमियों और योग गुरुओं के भाग लेने की उम्मीद थी।
डॉ. अनुराग कपिल को आमंत्रण
यह पत्र आधिकारिक रूप
1 month 2 weeks ago
डॉ. अनुराग कपिल की विशिष्ट भूमिका
इस राष्ट्रीय स्तर के गरिमामयी आयोजन में डॉ. अनुराग कपिल को कार्यक्रम संरक्षक (Program Patron) के रूप में विशेष स्थान दिया गया है:
• नाम: डॉ. अनुराग कपिल जी (Dr. Anurag Kapil Ji)
• संबद्ध संस्थान: कपिल इंस्टीट्यूट ऑफ नैच्युरोपैथी एंड योग साइंस, अंबाला, हरियाणा (Kapil Institute of Naturopathy and Yoga Science, Ambala, Haryana)
यात्रा की निरंतरता: गौर करने वाली बात यह है कि जिस 'कपिल इंस्टीट्यूट' की शुरुआत देहरादून/मसूरी (1982-1985) से हुई थी, वह अब अंबाला, हरियाणा में भी उनके नेतृत्व में आयुष विधाओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है।
अन्य प्रमुख सहयोगी और मार्गदर्शक
• मुख्य संरक्षक: माननीय डॉ. पवन सिन्हा जी (श्री गुरुजी), पावन चिंतनधारा आश्रम, हिसाली, उत्तर प्रदेश।
• अन्य संरक्षक: डॉ. त्रिभुवन नाथ श्रीवास्तव (प्राचार्य, विवेकानंद योग प्राकृतिक चिकित्सा कॉलेज) और डॉ. तपनकुमार
• कार्यक्रम निदेशक: श्री राकेश भारद्वाज (संस्थापक एवं अध्यक्ष, ABYM)।
यह दस्तावेज़ स्पष्ट करता है कि डॉ. अनुराग कपिल ने पिछले चार दशकों से अधिक समय में योग और प्र
1 month 2 weeks ago
4. दर्शन, सामाजिक एवं पर्यावरणीय योगदान
डॉ. अनुराग कपिल का चिकित्सा दर्शन केवल क्लिनिक तक सीमित न होकर संपूर्ण जीवन शैली में सुधार पर आधारित है।
• दवाई मुक्त भारत अभियान: वे अपने प्रसिद्ध इंफोग्राफिक्स और लेखों के माध्यम से "दवाई की निर्भरता कम करने की यात्रा" का संचालन करते हैं। उनके चिकित्सा दर्शन के 5 मुख्य स्तंभ हैं— जीवित भोजन (Living Food), साबुत भोजन, सक्रिय शरीर व माइंडफुल श्वास, गहरी नींद द्वारा पुनर्स्थापना, और तनाव का प्राकृतिक प्रबंधन। वे मानते हैं कि "स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है।"
• अम्बाला ग्रीन मिशन: वे सामाजिक रूप से भी पर्यावरण के प्रति बेहद सक्रिय हैं। हरियाणा सरकार के कद्दावर नेता व पूर्व मंत्री श्री अनिल विज जी की प्रेरणा से वे अंबाला में 'ग्रीन अम्बाला मिशन' का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसके तहत मानसून के दौरान प्रतिवर्ष सैकड़ों छायादार पेड़ लगाने का संकल्प पूरा किया जाता है। उनका संदेश है— "माँ प्रकृति की सेवा करें एक पौधा लगाएं, प्रकृति का क़र्ज़ चुकाएँ।"
• डिजिटल प्रसार: वे अपने आधुनिक यूट्यूब चैनल @anuragkapil9343 के माध्यम से देश के युवाओं
1 month 2 weeks ago
3. करियर और मुख्य सेवाकाल (40+ वर्षों का सफर)
एक छात्र और संपादक से लेकर राष्ट्रीय नीति-निर्धारक बनने तक का उनका सफर निम्नलिखित मुख्य पड़ावों में विभाजित है:
क. प्रारंभिक कर्मभूमि और चिकित्सा शिविर (1985 - 1990)
• बाँके बिहारी मंदिर, अंबाला (1985-86): डिग्री पूरी करने के तुरंत बाद सितंबर 1985 से अक्टूबर 1986 तक उन्होंने अंबाला छावनी के ऐतिहासिक 'मन्दिर श्री बाँके बिहारी' में स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और पुरुषों को योग का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया। यही मंदिर प्रांगण अंबाला में उनकी भावी कर्मभूमि का मुख्य आधार बना।
• जगाधरी शिविर (1990): अप्रैल-मई 1990 में उन्होंने भारत विकास परिषद् के बैनर तले जगाधरी (हरियाणा) में एक विशाल 'आध्यात्मिक, प्राकृतिक चिकित्सा योग शिविर' का संचालन किया, जहाँ चुम्बक चिकित्सा और योग के माध्यम से दमा, गठिया, लकवा और पेट रोगों के सैकड़ों मरीजों का सफल उपचार किया गया।
• अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद: वे वर्ष 1986 में ही राजघाट (नई दिल्ली) स्थित इस राष्ट्रीय परिषद के आजीवन सदस्य (Life Member) मनोनीत किए जा चुके थे।
ख. संस्थान का आधुनिकीकरण
1 month 2 weeks ago
1. प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. अनुराग कपिल की आयुष यात्रा की जड़ें अत्यंत गहरी और ऐतिहासिक हैं। वे भारत के अग्रणी प्राकृतिक चिकित्सक और अंतरराष्ट्रीय योग गुरु स्व. डॉ. सुरेंद्र कपिल जी के पुत्र हैं।
• विरासत की शुरुआत (1962/1965): डॉ. सुरेंद्र कपिल जी ने दक्षिण भारत (हैदराबाद) में अम्मा (विजयलक्ष्मीअम्मा) और गोरखपुर में आरोग्य मंदिर के संस्थापक डॉ. विट्ठलदास मोदी जी के मार्गदर्शन में असाध्य रोगों से मुक्ति पाकर प्राकृतिक चिकित्सा को अपना जीवन ध्येय बनाया था। उन्होंने वर्ष 1962 में मसूरी (उत्तराखंड) में 'कपिल इंस्टीट्यूट' की नींव रखी और वर्ष 1965 में राष्ट्रीय ऐक्य, आध्यात्मिक योग विद्या तथा प्राकृतिक जीवन कला को समर्पित 'गजराज' मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया।
• संस्कार और संपादन: इसी आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत पारिवारिक वातावरण में डॉ. अनुराग कपिल का पालन-पोषण हुआ। वर्ष 1980 में उन्होंने बहुत ही कम आयु में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'गजराज' पत्रिका के सम्पादक के रूप में अनुराग 'चंचल' नाम से अपनी वैचारिक व आयुष यात्रा का औपचारिक आ
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