प्रारंभ तिथि
28/08/2026 - 18:00
अंतिम तिथि
04/09/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
बंद सबमिशन
निर्मित:
29/08/2026
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Tune in to 137th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 30th August 2026
1 week 6 days ago
Crime offenders are just don't care about police , because police settle with them
1 week 6 days ago
In the e Prescriptions ( templates are ready ) era , doctors even not changing sex i.e., male tag for female patient
1 week 6 days ago
Himalayan catastrophe further waiting to happen for HP, Uttarakhand , UP and Bihar
1 week 6 days ago
Nature is ultimate king. Humans never realize it
1 week 6 days ago
Corruption in private sector also in exponential manner because of job loss fear
1 week 6 days ago
Everywhere AI spoiling right from school students ( home work ) to Phd scholars ( thesis )
1 week 6 days ago
Suggestion to raise “Revenue” for expanding “Health Care” Facilities
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1 week 6 days ago
आइए सकारात्मक सोच बनाए रखें। पढ़ाई के अलावा, खेल एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जो हमारे शरीर और मन को परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देने हेतु पूरी तरह से सक्रिय रखती है। माता-पिता और शिक्षकों को छात्रों को खेल और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में पर्याप्त समय और ऊर्जा देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। माता-पिता और छात्रों/युवाओं को एक संघ बनाना चाहिए जिसकी देखरेख शिक्षकों, जिला स्तरीय और राष्ट्रीय सलाहकारों द्वारा की जा सके। जहां आवश्यक हो, छात्रों को सोशल मीडिया से दूर रखें और प्रत्येक मामले में इसके नुकसानों को स्पष्ट करें। एक विद्यार्थी शिक्षक को इसके उदाहरण देने दें।
1 week 6 days ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, प्रणाम!
मेरा नाम कोमल है और मैं 9 साल की हूँ। मैं एक सिलियक वॉरियर हूँ। मुझे ग्लूटेन वाली चीजें खाने से मना है, इसलिए मैं आम बच्चों की तरह हर चीज नहीं खा सकती।
कल आपकी 'मन की बात' है। मैं चाहती हूँ कि आप देश के सभी लोगों को बताएं कि सिलियक बीमारी क्या होती है, ताकि स्कूल और बाहर सभी लोग हमारे जैसी सेहत वाले बच्चों की परेशानियों को समझ सकें।
#MannKiBaat #CeliacWarrior
1 week 6 days ago
Lets continue to be positive and positive minded. Apart from studies, sports is an important activity to keep our body and minds fully engaed for positive contribution to our family society and the nation Parents and teachers must be encourged to encourage students from give sufficient time and energy in the field of sports and other extra curricular activities Both parents and students/youth must form a union that can be taken care by teachers and district level and national advisors Keep away social media from students wherever it is necessary by pointing out disadvantages onn case to case basis Let a student teacher give examples of the same
1 month 1 week ago
Most revered Sir, Pranam,Third suggestions is to request all spiritual organisations to talk on ethical index in their teachings.it shall be taken like two year program of Drug menance free india.Audio /Videos of Jain Saints Acharya Mahapragyaji & Acharya Vidhya sagar ji be uploaded on Mission karmyogi portal.Spiritual teachings be made a part of foundation courses, workshops, seminars, orientation courses etc.All Secretary of GOI, Chief secretary/secretary etc shall talk about this regularly
1 month 1 week ago
Most revered Sir,Pranam, second suggestion is to all ask all employees to take integrity pledge to work ethically every year.During vigilance week,it is to be done voluntarily ,nos ,who are taking pledge are very less.It shall be made mandatory with annual IPR and be uploaded on portal.No increment, promotion without this.IPR from class one officers shall be taken up to 70 years.Repeat, Repeat, Practice, Practice brings results,it will have psychological impact for change in mindset.Regards
1 month 1 week ago
Most revered Sir, Pranam, humbly prayed to talk about ethical/moral/satvik index of country in governance.Country is lacking in this& abroad also not positive in resident Indian's perception.Three suggestions to talk/implement.1Display of Toll free nos, whatsapp no of ACB/CBI in all state govt offices and central offices,sectt.all floors ,with message if someone asks for bribe than call.it will have psychological impact as repeated reading, seeing has change in mindset,it is scientific. Regards
1 month 1 week ago
विषय: भाषणों के अंत में 'धरती माता की स्वच्छता' हेतु आपकी सख्त अपील के संबंध में।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
पृथ्वी की सुरक्षा को लेकर मेरा एक अत्यंत गहरा और कड़ा नागरिक सुझाव निम्नलिखित है:
• सामूहिक अपराध व दोहरा रवैया: लोग आज लापरवाही से कचरा फेंकते हैं। शुरुआत में वे इस पर ध्यान नहीं देते, परंतु जब यही कचरा बाद में उनके लिए व्यक्तिगत संकट और बीमारी बनता है, तब वे पीड़ित (Victim) बनकर सरकार को दोष देते हैं।
• अस्तित्व का संकट: यदि हमने पूजनीय धरती माता (Goddess Earth) को कचराघर समझ लिया, तो विनाश निश्चित है। इसके बिना देश की आर्थिक समृद्धि कभी शुद्ध (Pure Growth) नहीं हो सकती।
• वैश्विक सेवा: यह लड़ाई सिर्फ भारत की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की भलाई (World Best) के लिए है। स्वच्छता सीधे तौर पर जन-स्वास्थ्य और भावी पीढ़ी के अस्तित्व से जुड़ी है।
नागरिक आग्रह: मेरा आपसे निवेदन है कि आप देश-विदेश में अपनी हर रैली और भाषण के अंत में जनता से 'धरती माता को स्वच्छ रखने' की एक छोटी व सख्त अपील अवश्य करें। आपकी एक बात करोड़ों नागरिकों की आदत बदल सकती है।
1 month 1 week ago
माननीय प्रधानमन्त्री जी,
जयहिन्द।
अब देश प्रतीक्षारत है:
१. समान नागरिक संहिता अधिनियम
२. जनसँख्या नियन्त्रण क़ानून
३. देशद्रोह-देशविरोधी क़ानून संशोधन
४. जनप्रतिनिधि निर्वाचन प्रावधान संशोधन: Minimum Educational Qualification, No Criminal Record
५. घुसपैठ रोके जाने हेतु, नागरिकता/Passport/Visa क़ानून/नियम संशोधन
६. चुनाव सुधार Bill: जनप्रतिनिधियों हेतु: न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक अनिवार्य की जाए, आपराधिक प्रकरणों के आरोपी को चुनाव लड़ने से प्रतिबन्धित किया जाए, Right To Recall तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, हलफ़नामे में सम्पत्ति के ब्यौरे के साथ ही पारिवारिक या परिवार के समस्त सदस्यों की आय के स्त्रोतों की जानकारी अनिवार्य की जाए, Pension तत्काल प्रभाव से बन्द की जाए, समस्त प्रकार की छूटें-रियायतें-सुविधाएँ-आर्थिक या अनार्थिक, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ-भत्ते-अनुदान, तत्काल प्रभाव से बन्द करते हुए आम नागरिक के समान किये जाएँ।
भारत की स्वतन्त्रता-एकता-अखण्डता-सम्प्रभुता को अक्षुण्ण रखने हेतु, ये समस्त Bill/अध्यादेश/संशोधन/क़ानून/प्रस्ताव अत्यन्त अनिवार्य हैं।
1 month 1 week ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
जय हिंद।
वर्तमान में कॉलोनाइजर उपभोक्ता से पूरे प्लॉट (उदा. 30x50 = 1500 वर्ग फीट) का पैसा लेता है, लेकिन 'भूमि विकास नियमों' के कारण निर्माण के समय 10 फीट फ्रंट सेटबैक छोड़ना पड़ता है। इससे उपभोक्ता का 20% से 25% पैसा व्यर्थ चला जाता है।
हमारा सुझाव:
1. लेआउट स्तर पर समायोजन: कॉलोनी लेआउट पास करते समय अनिवार्य किया जाए कि आवश्यक सेटबैक को कॉलोनाइजर ही सड़क की चौड़ाई में शामिल करे।
2. केवल बिल्डेबल एरिया का विक्रय: खरीदार से केवल उसी ज़मीन का पैसा लिया जाए जिस पर निर्माण की कानूनी अनुमति हो।
3. उपभोक्ता को सीधी राहत: इससे आम नागरिक पर अवांछित आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, सड़कें चौड़ी होंगी और अवैध निर्माण का विवाद समाप्त होगा।
इस सुधार से देश के लाखों मध्यमवर्गीय प्लॉट खरीदारों को सीधी बचत और राहत मिलेगी।
सधन्यवाद,
1 month 1 week ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
जय हिंद।
आज शहरों में ज़मीन की अत्यधिक कीमतों के कारण एक आम मध्यमवर्गीय व्यक्ति बड़ी मुश्किल से 30x50 (1500 वर्ग फीट) या उससे छोटा प्लॉट खरीद पाता है। लेकिन वर्तमान 'भूमि विकास नियमों' के तहत आगे 10 फीट जगह (Front Setback) छोड़ना अनिवार्य होता है, जिससे नागरिक की 20% से 25% महंगी ज़मीन उपयोग से बाहर हो जाती है। इसके अतिरिक्त, फ्रंट सेटबैक के शमन (Compounding) का प्रावधान न होने से आम नागरिक का मकान 'अवैध' श्रेणी में आ जाता है।
आपके 'Ease of Living' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मेरे मुख्य सुझाव:
1. छोटे प्लॉट्स (1500 वर्ग फीट तक) के लिए दिल्ली व तेलंगाना की तर्ज पर फ्रंट सेटबैक नियमों में शिथिलता दी जाए या कार पोर्च/पार्किंग को वैध माना जाए।
2. RERA की तरह पूरे देश के शहरी निकायों के लिए 'एक समान एवं व्यावहारिक राष्ट्रीय भवन निर्माण नीति' बने।
3. अपनी निजी ज़मीन की सीमा में बने छोटे निर्माणों के लिए 'फ्रंट शमन (Compounding)' का स्पष्ट विकल्प दिया जाए।
इस सरलीकरण से देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
सधन्यवाद,
1 month 1 week ago
स्वर्णों के खिलाफ आपके मन में जो भी है उसे खुलकर बोल दीजिए सवर्णो को, एक ही बार बोल दीजिए कि सभी स्वर्णों को अब भारत में रहने और जीने का कोई अधिकार नहीं है, रोज नया नया कानून बनाकर मारने से अच्छा है एक ही बार में मार दिया जाए ऐसा कानून बनाइए और जिसमें प्रावधान कीजिए कि स्वर्णों पर किसी गैर स्वर्ण ने कोई मुकदमा करता है तो उस सवर्ण के पूरे परिवार को अपराध का दोषी मान लिया जाएगा और शिकायत के दिन से एक सप्ताह के भीतर उस सवर्ण के पूरे परिवार को फांसी का सजा दिया जाएगा और उसको कानूनी सहायता का अधिकार नहीं होगा तथा शिकायत करने वाले को प्रोत्साहन राशि के रूप में उस सवर्ण का पूरा संपति दिया जाएगा
1 month 1 week ago
স্থানীয় উদ্ভাবনে গ্রামীণ যুবকদের ক্ষমতায়ন ও অগ্রগতি
শ্রদ্ধেয় প্রধানমন্ত্রীজী,
আমি 'মন কী বাত'-এ গ্রামীণ তরুণদের নেতৃত্বে স্থানীয় বৃত্তাকার অর্থনীতি (Circular Economy) ও প্রযুক্তিগত স্বাবলম্বিতা গড়ে তোলার বিষয়টি তুলে ধরার পরামর্শ দিচ্ছি।
মূল বিষয়সমূহ:
১. বর্জ্য থেকে সম্পদ (Waste-to-Wealth): দেশের তরুণরা কীভাবে কৃষি ও প্লাস্টিক বর্জ্যকে পরিবেশবান্ধব পণ্য, জৈব সার ও নতুন শক্তিতে রূপান্তর করে স্থানীয় পর্যায়ে নতুন কর্মসংস্থান তৈরি করছে।
২. ডিজিটাল ও এগ্রি-টেক বিপ্লব: গ্রামীণ যুব উদ্যোক্তারা ডিজিটাল পেমেন্ট, এআই ও ড্রোন প্রযুক্তি ব্যবহার করে কৃষিকাজ আধুনিকায়ন ও দেশীয় পণ্য বিশ্ববাজারে পৌঁছে দিচ্ছেন।
৩. জল সুরক্ষা ও পরিবেশ রক্ষা: উৎসব ও চাষের মৌসুমের আগে যেসব তরুণ প্রাচীন জলাশয় পুনরুজ্জীবিত ও বৃষ্টির পানি সংরক্ষণে নেতৃত্ব দিচ্ছেন, তাদের কাজের উন্মুক্ত স্বীকৃতি।
'মন কী বাত'-এ আপনার অনুপ্রেরণামূলক বার্তা কোটি তরুণকে 'বিকশিত ভারত ২০৪৭' গঠনে নতুন উদ্দীপনা জোগাবে।
1 month 1 week ago
मुद्दा: बाघमुंडी (पुरुलिया) में दलमा-अयोध्या कॉरिडोर के अंतर्गत गंभीर मानव-हाथी संघर्ष (संदर्भ: PMOPG/E/2026/0020775 आदि)।
त्रि-स्तरीय रक्षा प्रणाली:
जंगल के अंदर चेक-डैम व सघन चारा पौधारोपण।
AI थर्मल कैमरे, मोशन सेंसर्स व लाइव मोबाइल अलर्ट्स।
मधुमक्खी पालन (Beehive Bio-Fencing) द्वारा हाथियों की रोकथाम और 'Airavat Honey' उत्पादन।
इको-टूरिज्म व आजीविका: बाघमुंडी, अयोध्या पहाड़ और चरीदा (छऊ मुखौटा ग्राम) का एकीकृत टूर सर्किट विकास तथा स्थानीय युवाओं को QRT गार्ड व होमस्टे रोजगार।
लाभ: कॉर्पोरेट ESG सहयोग व ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण।
सधन्यवाद,
केशव चंद्र कांसाबनिक
बाघमुंडी, पुरुलिया, पश्चिम बंगाल
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