प्रारंभ तिथि
28/08/2026 - 18:00
अंतिम तिथि
04/09/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
बंद सबमिशन
निर्मित:
29/08/2026
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Tune in to 137th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 30th August 2026
2 months ago
Crime offenders are just don't care about police , because police settle with them
2 months ago
In the e Prescriptions ( templates are ready ) era , doctors even not changing sex i.e., male tag for female patient
2 months ago
Himalayan catastrophe further waiting to happen for HP, Uttarakhand , UP and Bihar
2 months ago
Nature is ultimate king. Humans never realize it
2 months ago
Corruption in private sector also in exponential manner because of job loss fear
2 months ago
Everywhere AI spoiling right from school students ( home work ) to Phd scholars ( thesis )
2 months ago
Suggestion to raise “Revenue” for expanding “Health Care” Facilities
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2 months ago
आइए सकारात्मक सोच बनाए रखें। पढ़ाई के अलावा, खेल एक महत्वपूर्ण गतिविधि है जो हमारे शरीर और मन को परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए सकारात्मक योगदान देने हेतु पूरी तरह से सक्रिय रखती है। माता-पिता और शिक्षकों को छात्रों को खेल और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में पर्याप्त समय और ऊर्जा देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। माता-पिता और छात्रों/युवाओं को एक संघ बनाना चाहिए जिसकी देखरेख शिक्षकों, जिला स्तरीय और राष्ट्रीय सलाहकारों द्वारा की जा सके। जहां आवश्यक हो, छात्रों को सोशल मीडिया से दूर रखें और प्रत्येक मामले में इसके नुकसानों को स्पष्ट करें। एक विद्यार्थी शिक्षक को इसके उदाहरण देने दें।
2 months ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, प्रणाम!
मेरा नाम कोमल है और मैं 9 साल की हूँ। मैं एक सिलियक वॉरियर हूँ। मुझे ग्लूटेन वाली चीजें खाने से मना है, इसलिए मैं आम बच्चों की तरह हर चीज नहीं खा सकती।
कल आपकी 'मन की बात' है। मैं चाहती हूँ कि आप देश के सभी लोगों को बताएं कि सिलियक बीमारी क्या होती है, ताकि स्कूल और बाहर सभी लोग हमारे जैसी सेहत वाले बच्चों की परेशानियों को समझ सकें।
#MannKiBaat #CeliacWarrior
2 months ago
Lets continue to be positive and positive minded. Apart from studies, sports is an important activity to keep our body and minds fully engaed for positive contribution to our family society and the nation Parents and teachers must be encourged to encourage students from give sufficient time and energy in the field of sports and other extra curricular activities Both parents and students/youth must form a union that can be taken care by teachers and district level and national advisors Keep away social media from students wherever it is necessary by pointing out disadvantages onn case to case basis Let a student teacher give examples of the same
2 months ago
BRICS Summit की अग्रिम शुभकामनायें
2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी, नेपाल में हाल की विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की घटना ने पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। ऐसी आपदाएँ हमेशा पर्याप्त समय देकर नहीं आतीं। इसलिए हमें आपदा आने के बाद राहत पहुँचाने के साथ-साथ आपदा से पहले खतरे को पहचानने और लोगों को समय पर सुरक्षित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए। धन्यवाद। आपका भवदीय, प्रकाश तेली
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2 months ago
Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi Ji, I would like to suggest the concept “Young India in Lok Bhavan: a short-term experiential learning programme for students, researchers and young professionals". Selected youth could spend time at Lok Bhavans to understand the Constitution, public administration, cooperative federalism and public service, interact with Governors, academics and public servants, and undertake small research or community projects. An inter-State exchange could allow young people to experience another State’s institutions, culture and development, promoting both constitutional awareness and national integration. The Constitution should not remain confined to textbooks. Giving young Indians an opportunity to experience the institutions that uphold it can help nurture a generation that understands its rights, responsibilities and role in nation-building. This could be a meaningful step towards connecting young India with the institutions of India.
2 months ago
श्रीमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी प्रणाम
जब से शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तिफा हो गया है, जब से एक असामाजिक तत्व का जन्म भारत में हो गया है
जिसमें वामपंथी, इस्लामी और गलत सामाजिक तत्व का प्रचार बहुत ज्यादा हो गया है ,जो सरकार के लिए और हमारे भारत देश के लिए अच्छा नहीं है, खस्तौर युवा वर्ग के लोग ज्यादा भटक रहे हैं, खस्तौर स्कूल कॉलेज महाविद्यालय में यह ज्यादा हो रहा है सरकार के प्रति नफरत और क्रोध फैलाने का
इसलिए आप इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सेना पुलिस गुप्तचर एजेंसी शतक और जांच का आदेश दीजिए कि कौन क्या कर रहा है
कुछ सरकारी एजेंसी जैसे बैंक स्कूल कॉलेज अपनी लापरवाही सरकार की खामियां बता कर जनता और बच्चों को गुमराह कर रही है
सारे आपने लाल किले से एलान किया था कि सिविल वालंटियर का भर्ती किया जाए,, सभी शहर के सभी वार्ड में 2-4, और गांव के पंचायत में सभी गांव में एक या दो करके भर्ती किया जाए।भारत के सभी इलाक़ों में बहुत बेरोज़गार हैं, जो मैट्रिक इंटर बी.ए. पीजी करके बेरोज़गार है, उसने सभी को देश का आँख बनाया जाए उम्र, 18 से 50 रखा जाए,
2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत की सबसे बड़ी खूबियों में से एक हमारी “एकता में विविधता” है। हमारे देश में अनेक भाषाएँ, बोलियाँ, संस्कृतियाँ, परंपराएँ, खान-पान, पहनावे और जीवनशैलियाँ हैं, फिर भी हम सभी एक राष्ट्र के रूप में जुड़े हुए हैं।
मेरा सुझाव है कि भारत की इस अनूठी शक्ति को दुनिया के सामने “Unity in Diversity – India’s Living Heritage” के रूप में प्रस्तुत किया जाए। अलग-अलग राज्यों और समुदायों के लोग अपनी संस्कृति को साझा करते हुए एक-दूसरे की परंपराओं को समझें और सम्मान करें।
भारत की विविधता केवल हमारी पहचान नहीं है, बल्कि यह दुनिया को यह संदेश भी देती है कि अलग-अलग पहचान और विचार रखने वाले लोग आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग के साथ एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
यदि भारत अपने इस अनुभव को दुनिया के साथ साझा करे, तो यह केवल भारतीय संस्कृति का प्रचार नहीं होगा, बल्कि शांति, सद्भाव और मानव एकता का संदेश भी होगा।
“हमारी विविधता हमारी शक्ति है और हमारी एकता हमारी पहचान।”
धन्यवाद।
प्रकाश तेली
2 months ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
मेरा विनम्र सुझाव है कि ‘मन की बात’ के माध्यम से देशवासियों को समय-समय पर यह बताया जाए कि दुनिया के अलग-अलग देशों में कृषि, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा और प्रशासन के क्षेत्र में कौन-कौन से सफल और उपयोगी प्रयोग किए जा रहे हैं।
इन देशों की ऐसी व्यवस्थाओं और तकनीकों की जानकारी दी जाए, जो भारत की परिस्थितियों के अनुकूल हो सकती हैं। साथ ही, यह भी चर्चा हो कि उन्हें भारतीय परिस्थितियों के अनुसार किस प्रकार अपनाया जा सकता है।
आपका भवदीय,
प्रकाश तेली
2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत ने डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है। डिजिटल पहचान, ऑनलाइन सरकारी सेवाएँ और डिजिटल भुगतान जैसी व्यवस्थाओं ने करोड़ों नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है।
मेरा सुझाव है कि अब भारत “One Nation – One Digital Government Experience” की दिशा में आगे बढ़े, जहाँ नागरिकों को अलग-अलग सरकारी विभागों की सेवाओं के लिए बार-बार अलग प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े। एक सुरक्षित और एकीकृत डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से प्रमाणपत्र, आवेदन, सब्सिडी, पेंशन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी सेवाओं को आपस में जोड़ा जा सकता है।
“सरकार की डिजिटल सुविधा का अंतिम लक्ष्य यही हो—हर नागरिक को सरल, तेज और पारदर्शी सेवा।”
2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
वर्ष 2016 में आपने देश के किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प रखा था। आज 2026 में हम उस संकल्प के दस वर्ष पूरे होने की ओर हैं। मेरा सुझाव है कि अब समय आ गया है कि देश के किसानों के लिए Doubling Farmers Income को एक नए और बड़े राष्ट्रीय मिशन के रूप में आगे बढ़ाया जाए।
किसान की आय केवल उत्पादन बढ़ाने से नहीं, बल्कि उसे उसकी उपज का बेहतर मूल्य, वैज्ञानिक भंडारण, processing, logistics और direct market linkage मिलने से बढ़ सकती है।
क्यों न भारत में ऐसा National Farm-to-Market Mission बनाया जाए, जिसमें गांव से लेकर बड़े बाजार तक पूरी value chain को एकीकृत किया जाए और किसान को उसकी उपज की वास्तविक market value का अधिक हिस्सा मिले?
2016 में लक्ष्य रखा गया था—अब 2026 में इसे एक नए संकल्प और नए मॉडल के साथ जमीन पर बड़े स्तर पर लागू करने का समय है।
“किसान की आय दोगुनी नहीं, किसान की आर्थिक शक्ति कई गुना बढ़े — यही विकसित भारत की मजबूत नींव है।”
Ashish Chopade
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2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत तेजी से विकसित हो रहा है और आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा आवश्यकता भी लगातार बढ़ेगी। ऐसे में स्वच्छ, भरोसेमंद और चौबीसों घंटे उपलब्ध ऊर्जा के नए स्रोतों पर अभी से ध्यान देना आवश्यक है।
मेरा सुझाव है कि भारत छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर की तकनीक के विकास, अनुसंधान और सुरक्षित उपयोग पर विशेष ध्यान दे। SMR जैसी तकनीक को भविष्य में औद्योगिक क्षेत्रों, दूरदराज के क्षेत्रों और ऊर्जा की अधिक आवश्यकता वाले स्थानों के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।
भारत के वैज्ञानिक संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी उद्योगों को साथ लाकर “मेड इन इंडिया SMR” के लिए एक राष्ट्रीय अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम शुरू किया जा सकता है। इससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भारत को उन्नत परमाणु तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने में मदद मिल सकती है।
साथ ही, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शिता और प्रशिक्षित मानव संसाधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत में जल संरक्षण और जल-प्रबंधन को नई तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक राष्ट्रव्यापी पहल की जा सकती है। सेंसर, AI और रियल-टाइम डेटा की मदद से शहरों और गांवों में पानी की लीकेज, गुणवत्ता, खपत, भूजल स्तर तथा बाढ़ की लगातार निगरानी की जा सकती है।
यदि ऐसी तकनीक को एकीकृत करके चरणबद्ध तरीके से देश के शहरों और जल-संकट वाले क्षेत्रों में लागू किया जाए, तो पानी की बर्बादी कम करने, समय पर चेतावनी देने और उपलब्ध जल-संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने में बड़ी मदद मिल सकती है।
मेरा सुझाव है कि भारत “स्मार्ट जल-प्रबंधन मिशन” जैसी व्यापक पहल शुरू करे, जिसमें स्थानीय निकाय, स्टार्टअप, IITs, वैज्ञानिक संस्थान और आम नागरिक मिलकर काम करें। इससे भारत जल संरक्षण के साथ-साथ जल-तकनीक के क्षेत्र में भी दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
“जल बचाना केवल आज की जरूरत नहीं, आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी है।”
धन्यवाद।