पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार, MyGov के सहयोग से, भारत भर के नागरिकों, स्थानीय समुदायों, पंचायती राज संस्थाओं, विशेषज्ञों, क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं एवं अन्य हितधारकों को प्रस्तावित ग्राम-अंतर्गत सड़क कोडिंग एवं ग्रेडिंग प्रणाली पर आयोजित जन परामर्श में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है।
भारत सरकार ग्रामीण भारत के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों नागरिकों के जीवन में परिवर्तन लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल कर रही है। पहली बार देश में गांवों के भीतर स्थित प्रत्येक आंतरिक सड़क के लिए एक मानकीकृत डिजिटल प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से उन्हें कोड और ग्रेड प्रदान किए जाएंगे। इस पहल की परिकल्पना एवं नेतृत्व पंचायती राज मंत्रालय द्वारा किया गया है तथा इसे विभिन्न मंत्रालयों, विभागों एवं एजेंसियों के सहयोग से “समग्र-सरकार दृष्टिकोण” के तहत लागू किया जाएगा।
ग्राम-अंतर्गत सड़क कोडिंग एवं ग्रेडिंग प्रणाली पर एक जन परामर्श दस्तावेज तैयार किया गया है। इस प्रणाली को अंतिम रूप देने से पूर्व मंत्रालय नागरिकों, स्थानीय समुदायों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव और प्रतिक्रियाएं आमंत्रित करता है।
समस्या क्या है?
भारत में विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण सड़क नेटवर्क का व्यापक विकास किया गया है। किन्तु गांवों के भीतर स्थित आंतरिक सड़कों का अब तक व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण या मानचित्रण नहीं किया गया है, जिसके कारण अनेक व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं:
• चिकित्सा आपातकाल के दौरान गांव के भीतर पहुंचने वाली एम्बुलेंस को सही गली या मार्ग खोजने में कठिनाई होती है।
• डाक कर्मियों और कूरियर सेवाओं को गांव के भीतर किसी सटीक पते तक पहुंचने में समस्या आती है।
• सड़क रखरखाव अथवा नई सड़क निर्माण योजना तैयार करने वाले सरकारी अधिकारियों के पास कोई विश्वसनीय डेटाबेस उपलब्ध नहीं है।
• अग्निशमन एवं पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाओं को स्थान तक पहुंचने में अनावश्यक समय व्यतीत करना पड़ता है।
• डिजिटल मानचित्र और नेविगेशन एप्लिकेशन गांवों के भीतर अंतिम छोर (Last Mile) तक मार्गदर्शन प्रदान नहीं कर पाते।
• मनरेगा, पीएमजीएसवाई तथा पीएमजीवाई जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं निगरानी में कठिनाई होती है क्योंकि सड़कों की स्पष्ट पहचान उपलब्ध नहीं है।
वर्तमान में विभिन्न एजेंसियां अलग-अलग नामकरण प्रणालियों का उपयोग करती हैं, स्थानीय स्थलों को अनौपचारिक पहचान के रूप में प्रयोग किया जाता है, एक ही सड़क विभिन्न अभिलेखों में अलग-अलग नामों से दर्ज हो सकती है तथा आधुनिक भू-स्थानिक तकनीकों के साथ समुचित एकीकरण का अभाव है। इसके परिणामस्वरूप भ्रम, कार्यों की पुनरावृत्ति तथा सार्वजनिक संसाधनों का अप्रभावी उपयोग होता है।
दृष्टिकोण एवं उद्देश्य:
इस पहल का दृष्टिकोण यह है कि भारत के प्रत्येक गांव के भीतर स्थित प्रत्येक सड़क का एक विशिष्ट एवं पहचान योग्य नाम तथा कोड हो, जो संकेतक पट्टिकाओं पर प्रदर्शित हो, डिजिटल मानचित्रों पर खोजा जा सके तथा राष्ट्रीय डेटाबेस से जुड़ा हो।
इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन को अधिक सुगम बनाना है ताकि चिकित्सा, डाक, प्रशासनिक, वाणिज्यिक एवं आपातकालीन सेवाएं गांव के भीतर किसी भी पते तक शीघ्र, सटीक और बिना किसी भ्रम के पहुंच सकें।
एक वाक्य में:
यदि किसी स्थान को खोजा जा सकता है, तो वहां सेवा भी पहुंचाई जा सकती है।
जन प्रतिक्रिया के प्रमुख विषय:
मंत्रालय प्रस्तावित सड़क कोडिंग प्रणाली, DIGIPIN एकीकरण, ग्राम मानचित्र (Gram Manchitra) को साझा मंच के रूप में उपयोग करने तथा PMGSY कोडिंग व्यवस्था पर सुझाव आमंत्रित करता है।
प्रतिभागियों से निम्नलिखित विषयों पर अपने विचार साझा करने का अनुरोध किया जाता है:
1. क्या प्रस्तावित ग्रेडिंग एवं कोडिंग प्रणाली (मुख्य सड़क, क्रॉस रोड आदि) आपके गांव की आवश्यकताओं के अनुरूप है?
2. क्या यह प्रणाली PMGSY के कोर नेटवर्क के अनुरूप है?
3. क्या आपके क्षेत्र में ऐसी कोई विशेष चुनौतियां हैं जिन्हें यह प्रणाली, DIGIPIN, ग्राम मानचित्र या PMGSY कोडिंग व्यवस्था संबोधित कर सकती है?
4. ग्राम मानचित्र के माध्यम से सड़क कोडिंग, DIGIPIN आवंटन एवं PMGSY कोड आवंटन प्रक्रिया में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु आपके क्या सुझाव हैं?
5. पहुंच-सुगमता एवं अवसंरचना नियोजन को बेहतर बनाने के लिए संकेतक पट्टिकाओं, DIGIPIN एकीकरण, ग्राम मानचित्र एवं PMGSY QR कोड में क्या सुधार किए जा सकते हैं?
कौन भाग ले सकता है?
• ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिक।
• पंचायती राज संस्थाएं एवं जनप्रतिनिधि।
• स्थानीय समुदाय एवं ग्राम स्तर के हितधारक।
• शिक्षाविद्, शोधकर्ता, योजनाकार एवं विषय विशेषज्ञ।
• नागरिक समाज संगठन एवं विकास क्षेत्र से जुड़े कार्यकर्ता।
• सरकारी अधिकारी एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता।
• ग्रामीण शासन एवं सेवा वितरण को सशक्त बनाने में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति।
आपकी प्रतिक्रिया क्यों महत्वपूर्ण है?
आपके सुझाव ग्राम सड़क पहचान, डिजिटल मानचित्रण, सेवा वितरण, अवसंरचना नियोजन, आपातकालीन प्रतिक्रिया एवं सुशासन के लिए एक राष्ट्रीय मानकीकृत ढांचे को आकार देने में सहायक होंगे। जन सहभागिता यह सुनिश्चित करेगी कि प्रस्तावित प्रणाली व्यवहारिक, समावेशी तथा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप हो।