प्रारंभ तिथि
24/07/2026 - 18:01
अंतिम तिथि
31/07/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
बंद सबमिशन
निर्मित:
24/07/2026
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Tune in to 136th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 26th July 2026
1 month 1 week ago
Honourable Prime Minister Jee, Often ecological and environmental projects are held up because there is not enough local labour. I propose a Public Private Partnership (PPP) model to accelerate climate action. The answer is to work with local organisations and commercial enterprises to pool resources and send technical staff, thus avoiding long recruitment cycles. Blueprint: The government retains regulatory oversight and accountability, based on milestones, while the private sector operates day-to-day. I have produced a tiny paper using ai to present my views! Talking about this framework on Mann Ki Baat can motivate vital collaboration for our country's environmental goals and therfore Jai Hind!
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1 month 1 week ago
मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
महाराष्ट्र के नांदेड़ वन विभाग के वनरक्षक श्री शिवसांब बाबूराव घोडके (पानभोसी, ता. कंधार, जि. नांदेड़) ने 2021 में अपने जन्मदिन पर संकल्प लिया—"प्रतिदिन एक पौधा लगाऊँगा और उसे जीवित भी रखूँगा।" आज यह अभियान लगातार 1660 दिनों से बिना एक भी दिन रुके जारी है। यह केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि जनभागीदारी से बना प्रेरक हरित जनआंदोलन है। जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, बेटी के जन्म, "एक पेड़ माँ के नाम" तथा अन्य शुभ अवसरों पर हजारों नागरिक इससे जुड़ रहे हैं। पौधों के संरक्षण हेतु ड्रिप सिंचाई, कंटूर ट्रेंच, सुरक्षा जाली व नियमित देखभाल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने 400+ देशी, दुर्लभ व औषधीय वनस्पतियों का बीज बैंक, प्रकृति अध्ययन केंद्र, प्रकृति पुस्तकालय व स्टील प्लेट बैंक स्थापित किया तथा पर्यावरण पर पुस्तकें और अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशित किए। उत्कृष्ट कार्य हेतु उन्हें महाराष्ट्र वन विभाग का सर्वोच्च स्वर्ण पदक तीन बार प्राप्त हुआ। यदि "मन की बात" में इस अभियान का उल्लेख हो, तो "एक पेड़ माँ के नाम" को नई प्रेरणा मिलेगी। 🌳🇮🇳
सचिन चिखलीकर नांदेड
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1 month 1 week ago
India's economic framework centers on balancing high growth momentum with long-term macroeconomic stability, fiscal consolidation, and structural transformation across Akhand Bharat to support the vision of Viksit Bharat 2047.
India's rural development framework focuses on bridging the infrastructure, livelihood, and digital divide between rural and urban areas to drive inclusive growth toward Viksit Bharat 2047.
Make India Great Again- MIGA
Viksit Bharat- Developed World.
Swasth Bharat- Healthy World.
Perform, Reform, Transform, Out perform - Viksit Bharat.
https://drive.google.com/file/d/1iK7lO4_Uv7D4QLjw2__RRCkwYda_gh-_/view?usp=sharing
1 month 1 week ago
Brief Note on Kapadagunda Dongoria Shawl
The *Kapadagunda Dongoria Shawl* is a traditional handwoven textile of the *Dongria Kondh tribe* of Odisha. It is named after *Kapadagunda village* in the Niyamgiri Hills of Rayagada District, Odisha. This shawl is not just a piece of cloth — it is an identity, heritage, and living craft of the Dongria Kondh community, one of the Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) of India.
Proud of our Tribal heritage.
1 month 1 week ago
मा. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
महाराष्ट्र के नांदेड़ वन विभाग के वनरक्षक श्री शिवसांब बाबूराव घोडके ने 2021 में अपने जन्मदिन पर संकल्प लिया—"प्रतिदिन एक पौधा लगाऊँगा और उसे जीवित भी रखूँगा।" आज यह अभियान लगातार 1660 दिनों से बिना एक भी दिन रुके जारी है। यह केवल वृक्षारोपण नहीं, बल्कि जनभागीदारी से बना प्रेरक हरित जनआंदोलन है। जन्मदिन, विवाह वर्षगाँठ, बेटी के जन्म, "एक पेड़ माँ के नाम" तथा अन्य शुभ अवसरों पर हजारों नागरिक इससे जुड़ रहे हैं। पौधों के संरक्षण हेतु ड्रिप सिंचाई, कंटूर ट्रेंच, सुरक्षा जाली व नियमित देखभाल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने 400+ देशी, दुर्लभ व औषधीय वनस्पतियों का बीज बैंक, प्रकृति अध्ययन केंद्र, प्रकृति पुस्तकालय व स्टील प्लेट बैंक स्थापित किया, पर्यावरण पर पुस्तकें लिखीं तथा अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशित किए। उत्कृष्ट कार्य हेतु उन्हें महाराष्ट्र वन विभाग का सर्वोच्च स्वर्ण पदक तीन बार प्राप्त हुआ। यदि "मन की बात" में इस अभियान का उल्लेख हो, तो यह "एक पेड़ माँ के नाम" को नई प्रेरणा देगा।
Shivkumar ghodke
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1 month 1 week ago
सर
आदरणीय प्रधान जी
देश में वन नेशन वन इलेक्शन
सबसे बड़ा नुकसान हर समय चुनाव में एक बात पर किसीका ध्यान कम जाते हे
5 शाल में कम से कम 40 से 50 करोड़ लोग भगा लेते हे
एक दिन का भी मिनिमम मजदूरी भी गिने तो अरबों रुपयेका नुकसान देश को होता हे
ओर भी बहुत नुकसान मानव कलाको का होता हे
जितना जल्दी हो लागू कीजिए देश की भले के लिए
लालजी पानसूरिया
आनंद गुजरात
1 month 1 week ago
सर
आदरणीय प्रधान जी
देश में 1.5 लाख किलोमीटर रोड हे
दो नो ओर बांस याने बांबू लगा ने से एक नया तारीख देश की इकोनॉमो में योगदान देगा
ओर आप का स्वप्न 2070 में झिरो कारबन के लक्ष के बहुत उपयोगी साबित होगा
साथ में ग्रामिन रोजगारी ओर सहकारिता में बड़ा योगदान मिलेगा
एक पूरा प्रोजेक्ट हे
लालजी पानसूरिया
आनंद गुजरात
1 month 1 week ago
ज़्यादातर सरकारी विभागों से जुड़े ठेकेदार जो निर्माण या सप्लाई का कार्य करते है बहुत भ्रष्ट व बेईमान होते हैं । सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों से मिलीभगत करके अपने निर्धारित कार्य व सप्लाई की गुणवत्ता न मानको व मात्रा में कमी व धांधली व धोखाधड़ी करते रहें हैं व अभी भी कर रहें हैं । उन लोगों व सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के चरित्र व आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ है। जिसकी वजह सें ज़्यादातर निर्माण के कार्यों में लापरवाही व अनियमितता व भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को परेशान व निराश होना पड़ता है।
सरकार कर्मचारी व अधिकारी अपने थोड़े से लालच के कारण देश के वित्तीय व विकास का नुक़सान करते है। इस सम्बन्ध में सरकार को अवगत कराया जाना है वह निवेदन है इस समस्या का जड़ से समाधान होने की तरफ़ ध्यान दिया जाये । जय हिन्द
1 month 1 week ago
सर
आदरणी प्रधान जी
देश को 2047 में विकसित भारत बनाना हे तो ।
सोश्यल इन्वेंशन पे ध्यान देना पड़ेगा
आज जोभी इन्वेशन हो रहे हे सब इंडिविजुअल हे
पर पूरे देश का फायदा हो गरीब से श्रीमंत तक तभी देश सही तरीके से आगे बढ़ेगा
हम ने थोड़ा प्रयास किया हे
1।पुल से आत्म हत्या में कमी लाने के लिए काम किया
2।स्पीड ब्रेकर से कितना नुकसान होता हे उस पर काम किया हे
3।रोड एक्सीडेंट कम हो उस पर एक्यूपंचर का उपयोग से काम किया हे
ओर भी बहुत
सब मिला के हजारों जिंदगी बचेगी और करोड़ो रुपया की बचत होगी देश को
1 month 1 week ago
सर
आदरणीय प्रधान जी
हम देश की मूल समस्या के बारे में थोड़ा बहुत काम कर रहे हे
ब्राउन क्रांति
आने वाले बीस शाल में देश में अनाज ओर दूध प्राकृतिक मिलना लगभग असम्भव होगा
इन समस्या का हल निकालने के लिए हमने एक इनोवेशन किया हे जिसे हर दिन शुद्ध 125 करोड़ लीटर गौ माता मूत्र ओर 145 करोड़ किलो गोबर मिलेगा
उसे देश में दश शाल में प्राकृतिक खेती में पचास से स्तर परसेंट तक ले जाने में मदद मिलेगी
ओर इस इनोवेशन से
कृषि क्रांति
ग्रामीण क्रांति
दूध क्रांति
भी प्राकृतिक रीत से आएगी