प्रारंभ तिथि
26/07/2026 - 16:00
अंतिम तिथि
12/08/2026 - 23:45
Time zone: IST (GMT +5.30 Hrs)
Created : 26/07/2026
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On 15th August every year, the Prime Minister speaks from the ramparts of the Red Fort and lays out the government's programmes and policies. Over the last few years, the Hon’ble Prime Minister has directly invited ideas and suggestions from citizens for the Independence Day Speech. Similarly, this year too the Prime Minister invites citizens to contribute their inputs for New India. So, now you have the opportunity to tell your ideas, give word to your suggestions and crystallize your vision. PM Narendra Modi may pick up some of the ideas in his speech on 15th August.
1 month 3 weeks ago
मैं डॉ. अनुराग कपिल, अंबाला (हरियाणा) का निवासी, देश में अनाज भंडारण की समस्या और हर साल होने वाली बर्बादी को देखते हुए एक नीतिगत सुझाव प्रस्तुत करना चाहता हूँ।
समस्या:
वर्तमान में सरकारी गोदामों (FCI) में क्षमता से अधिक अनाज होने के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं और चावल खुले में रखे जाते हैं। शेड और आधुनिक गोदामों की कमी के कारण बारिश, नमी और चूहों की वजह से हर साल हजारों टन अनाज खराब हो जाता है, जो देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा नुकसान है।
सुझाव (मॉडल):
मेरा सुझाव है कि सरकार 'विकेंद्रीकृत भंडारण' की नीति अपनाते हुए आम परिवारों (शहरी और ग्रामीण) को अनाज भंडारण का भागीदार बनाए:
1. भंडारण आवंटन: इच्छुक परिवारों को सरकार की ओर से तीन बोरी अनाज (जैसे गेहूं या चावल) उनके घर पर रखने के लिए दिया जाए।
2. रखरखाव की जिम्मेदारी: परिवार उस अनाज को एक वर्ष तक सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी लेगा।
3. प्रोत्साहन (Incentive): यदि एक वर्ष बाद भौतिक सत्यापन में अनाज सुरक्षित पाया जाता है, तो उन तीन बोरियों में से एक बोरी उस परिवार को प्रोत्साहन के रूप में मुफ्त दे दी जाए,
1 month 3 weeks ago
मैं डॉ. अनुराग कपिल, अंबाला का एक जागरूक नागरिक होने के नाते, देश और प्रदेश में अनाज के भंडारण (Storage) की समस्या और हर साल होने वाली भारी बर्बादी की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ।
अनाज को खुले आसमान के नीचे या नमी वाले गोदामों में रखने के कारण होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मैंने एक 'विकेंद्रित घरेलू भंडारण एवं प्रोत्साहन योजना' का मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल के तहत आम परिवारों को अनाज के सुरक्षित भंडारण का भागीदार बनाकर न केवल बर्बादी को रोका जा सकता है, बल्कि सरकार की भंडारण लागत को भी शून्य किया जा सकता है।
1 month 3 weeks ago
Sir,
In my opinion to balance the Environment all the Birds/distinct animals which has been captured by the Citizen of Hindustan's and the same has been kept in a small Cage year after year that should be freed by the Government's initiative. It is curiality against the Animal and Birds.
Please do some thing so that all the birds are leaving the small cage that should be freed immediately for the benefit of good Eco-systems.
1 month 3 weeks ago
वर्तमान में टीवी समाचार चैनलों पर होने वाली बहसें (Debates) अक्सर समाधान की जगह शोर और विवाद का केंद्र बन जाती हैं। मेरा सुझाव है कि इस ऊर्जा को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मोड़ा जाए। इसके लिए मंत्रालय की ओर से एक नई 'ग्रीन मीडिया गाइडलाइन' जारी की जा सकती है:
1. वृक्षारोपण की शपथ: टीवी डिबेट में भाग लेने वाले प्रत्येक वक्ता (पैनलिस्ट) और एंकर के लिए यह अनिवार्य या स्वैच्छिक किया जाए कि वे बहस के बदले समाज में कम से कम एक वृक्ष लगाएंगे।
2. जवाबदेही: शोर मचाने के बजाय, प्रतिभागियों की सामाजिक उपयोगिता उनके द्वारा लगाए गए और सुरक्षित रखे गए पेड़ों से मापी जाए।
3. प्रोत्साहन: जो चैनल्स इस 'शोर से सृजन' (Noise to Creation) की पहल में बढ़-चढ़कर भाग लें, उन्हें 'ग्रीन मीडिया अवॉर्ड' से सम्मानित किया जाए। [1, 2]
इस पहल से न केवल टीवी डिबेट्स की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि देश को हर साल लाखों नए वृक्ष भी मिलेंगे। आपसे विनम्र निवेदन है कि जनहित में इस अभिनव सुझाव पर विचार करने की कृपा करें।
1 month 3 weeks ago
मैं डॉ. अनुराग कपिल, इस पत्र के माध्यम से सड़क सुरक्षा (Road Safety) को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु एक महत्वपूर्ण सुझाव साझा करना चाहता हूँ।
अक्सर देखा जाता है कि दुपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के पाए जाते हैं और पकड़े जाने पर पुलिस केवल चालान काटती है। मेरा सुझाव है कि:
1. बिना हेलमेट वाले चालक का केवल चालान न काटा जाए, बल्कि प्रवर्तन अधिकारी (Enforcement Officer) के पास मौके पर ही हेलमेट उपलब्ध होने चाहिए।
2. चालान की राशि के बदले या उसके साथ उसे एक मानक (ISI मार्क) हेलमेट दिया जाना चाहिए।
इस पहल के संभावित लाभ:
• सकारात्मक प्रभाव: इससे चालक को अपनी गलती का अहसास होगा और उसे महसूस होगा कि प्रशासन केवल दंड नहीं देना चाहता, बल्कि उसकी जान की फिक्र करता है।
• तत्काल सुरक्षा: चालान के बाद भी व्यक्ति असुरक्षित यात्रा जारी रखता है, लेकिन हेलमेट मिलने से उसकी आगे की यात्रा सुरक्षित हो जाएगी।
• जनसमर्थन: इस कदम से जनता और परिवारों में प्रशासन के प्रति सम्मान बढ़ेगा और नियम का पालन करने की प्रवृत्ति में सुधार होगा।
आशा है कि मंत्रालय इस सुधारात्मक दृष्टिकोण पर विचार करेगा
1 month 3 weeks ago
1. दोषी निर्माताओं पर कठोर कार्रवाई: जिन प्रमुख दवा निर्माताओं के बैच जांच में फेल पाए गए हैं, उनके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी कंपनी गुणवत्ता से समझौता न करे।
2. फैक्ट्री स्तर पर अनिवार्य थर्ड-पार्टी ऑडिट: दवाइयों के निर्माण परिसर से दवाओं के बाहर निकलने से पहले सरकारी या स्वतंत्र प्रमाणित लैब द्वारा रैंडम री-चेकिंग की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
3. होलसेल और रिटेल स्तर पर डिजिटल निगरानी: देश भर के फार्मासिस्टों, होलसेलरों और रिटेल दुकानों पर ड्रग इंस्पेक्टर्स द्वारा औचक निरीक्षण की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही, ब्लॉकचेन या बारकोड/QR कोड ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीक को अनिवार्य किया जाए, जिससे आम नागरिक भी दवा के असली या नकली होने की जांच स्वयं कर सके।
4. डॉक्टर के पर्चे (Prescription) की अनिवार्यता की सख्त मॉनिटरिंग: एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (Antibiotic Resistance) और दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए बिना वैध पर्चे के शेड्यूल-एच (Schedule H) दवाओं की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाया जाए और उ
1 month 3 weeks ago
मैं आपका ध्यान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक अत्यंत गंभीर और जनहित के मुद्दे की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। एक जिम्मेदार नागरिक और चिकित्सक होने के नाते मैं यह महत्वपूर्ण सुझाव आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूँ।
वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश डॉक्टर पर्चे पर किसी विशेष कंपनी की ब्रांडेड दवा का नाम लिखते हैं। इस कारण मरीजों को मजबूरन वही महंगी ब्रांडेड दवा खरीदनी पड़ती है। यदि इसके स्थान पर डॉक्टरों के लिए पर्चे पर केवल दवा का मुख्य सॉल्ट (Generic Name) लिखना अनिवार्य कर दिया जाए, तो मरीज अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार किसी भी अच्छी कंपनी का सॉल्ट चुन सकेगा, जिसका मूल्य कम और गुणवत्ता बेहतर हो।
भारत सरकार ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के माध्यम से इस दिशा में पहले भी दिशानिर्देश जारी किए हैं, परंतु जमीनी स्तर पर इसका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक ठोस विधिक और ऐतिहासिक फैसले की आवश्यकता है। यह कदम देश के करोड़ों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को दवाओं के नाम पर होने वाले आर्थिक शोषण से बचाएगा। दवाओं के इस बड़े बाजार के पीछे का जाल अत्यधिक व्यापक है, जिसे रोकने में आपका एक कड़ा निर
1 month 3 weeks ago
It is the duty of every citizen to keep the surrounding clean and green enhance more organic farming reduce waste recycle re purpose of waste by new innovations and technology which not only includes the ways paper fabric wood iron and steel and other metals it also means we can use them we purpose them the plastic can be used in other material the fabric in other purposes as well as the paper in terms of paper bag we should also save the packaging material and change the packaging material to make it more carbon footprints reduce karne ke liye aisi industries aur innovations lagane chahie production cost effective bhi ho solution ko kam se kam Kiya ja sake har building har industry har college school industry multi storey building or hospitals koforsibly and compulsory solar panel lagane chahie and they should have any mechanism to reduce waste chemical free fertilizers bio bio waste organic farming traditional agriculture some programs and innovations mechanism and technology will ke
1 month 3 weeks ago
• सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को कहें अलविदा!
• खाली प्लॉट को कचराघर न बनाएं, प्रकृति का संवर्धन करें।
• आज का सुधार, कल की पीढ़ी को देगा सुरक्षित संसार।
"अगर आप जानते हैं तो भावी पीढ़ी के साथ अन्याय कर रहे हैं, अगर नहीं जानते तो आज से ही सिंगल-यूज़ प्लास्टिक को हाथ न लगाएं।"
— डॉ. अनुराग कपिल (जनहित में जारी)
1 month 3 weeks ago
हमारा संस्थान और परिवार सदैव राष्ट्र की स्वास्थ्य नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चला है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यदि मुझे आयुष मंत्रालय के अंतर्गत नीतिगत सलाहकार या किसी यतोचित प्रशासनिक बोर्ड में सेवा का अवसर प्राप्त होता है, तो मैं उत्तर भारत सहित संपूर्ण देश में प्राकृतिक चिकित्सा और योग के क्षेत्र में चल रही व्यावहारिक समस्याओं का एक सर्वमान्य और न्यायसंगत समाधान निकालने में पूरी निष्ठा से योगदान दे सकूँगा।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस पत्र और संलग्न ऐतिहासिक साक्ष्यों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मुझे आपसे व्यक्तिगत भेंट का समय और इस राष्ट्र-हित के कार्य में योगदान देने का सुअवसर प्रदान करने की कृपा करें।
सधन्यवाद।
भवदीय,
(डॉ. अनुराग कपिल)
निदेशक, कपिल इंस्टीट्यूट ऑफ नैचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज
अम्बाला (हरियाणा)
संलग्नक
१. डॉ. नरेंद्र कुमार नीरज जी (CMO, योगग्राम, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार) द्वारा प्रेषित अनुशंसा पत्र की प्रति।
२. संस्थान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और शैक्षणिक विधा से जुड़े अन्य आवश्यक दस
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