जनजातीय कार्य मंत्रालय, माईगॉव के सहयोग से नागरिकों को स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जनजातीय विकास एवं सशक्तिकरण पर आपके विचारों और रचनात्मकता को समझना है। प्रतिभागियों को जनजातीय गौरव, समावेशी विकास, सांस्कृतिक संरक्षण, शिक्षा, उद्यमिता तथा राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समुदायों के योगदान जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के उद्देश्य
1. जनजातीय समुदायों, उनकी समृद्ध विरासत और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
2. जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के महत्व को समझने के लिए प्रोत्साहित करना।
3. जनजातीय कल्याण और समावेशी विकास हेतु सरकारी पहलों के प्रति जागरूकता फैलाना।
4. एक विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर जनजातीय समाज के लिए लोगों को अपनी रचनात्मक दृष्टि व्यक्त करने हेतु प्रेरित करना।
5. जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और सतत जीवन शैली के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना।
प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश
1. स्लोगन मौलिक और रचनात्मक होना चाहिए।
2. भाषा सरल और आसानी से समझ में आने वाली होनी चाहिए।
3. स्लोगन छोटा और प्रभावशाली होना चाहिए।
4. प्रतिभागी अपना स्लोगन हिंदी या अंग्रेजी में लिख सकते हैं।
5. स्लोगन जनजातीय विकास और सशक्तिकरण की थीम को प्रतिबिंबित करना चाहिए।
6. स्लोगन व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध होना चाहिए।
7. प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक ही स्लोगन प्रस्तुत कर सकता है।
पुरस्कार
1. शीर्ष 10 विजेताओं को ₹5,000/- प्रत्येक का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
2. शीर्ष 3 विजेताओं को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। चयनित विजेताओं को इस कार्यक्रम में एक सहायक (companion) साथ लाने की अनुमति भी होगी।
3. सर्वश्रेष्ठ स्लोगन को जनजातीय कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जाएगा।
यहाँ क्लिक करें नियम एवं शर्तों के लिए (PDF - 124 KB)