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babji pv
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Subject: Promoting Palmyra Tree Plantation for Sustainable Development
Respected Authorities,
The palmyra tree, known as Kalpavriksha, plays a crucial role in biodiversity, sustainable living, and rural livelihoods. Its eco-friendly uses from construction and food to ceremonial traditions—highlight its immense value. Supporting wildlife, reducing plastic dependency, and enhancing local economies, it deserves urgent promotion. I urge you to implement awareness programs, plantation initiatives, and incentives for cultivation and sustainable use. Encouraging community participation will strengthen biodiversity conservation. Let’s preserve our heritage and secure a greener future with increased palmyra plantations.
Sincerely,
Valiveti Madhavi Sree Lalitha M.Sc (Nutrition)
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babji pv
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Subject: Promoting Palmyra Tree Plantation for Sustainable Development
Respected Authorities,
The palmyra tree, known as Kalpavriksha, plays a crucial role in biodiversity, sustainable living, and rural livelihoods. Its eco-friendly uses from construction and food to ceremonial traditions—highlight its immense value. Supporting wildlife, reducing plastic dependency, and enhancing local economies, it deserves urgent promotion. I urge you to implement awareness programs, plantation initiatives, and incentives for cultivation and sustainable use. Encouraging community participation will strengthen biodiversity conservation. Let’s preserve our heritage and secure a greener future with increased palmyra plantations.
Sincerely,
Valiveti Madhavi Sree Lalitha M.Sc (Nutrition)
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KRISHNAMOORTHY SATHIAVAN
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Bureaucrat Hurdles in “Export” of goods meant of Defence use resulting in huge loss to Government and National Economy
mygov_174800506258723731.pdf
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babji pv
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Subject: Promoting Palmyra Tree Plantation for Sustainable Development
Respected Authorities,
The palmyra tree, known as Kalpavriksha, plays a crucial role in biodiversity, sustainable living, and rural livelihoods. Its eco-friendly uses from construction and food to ceremonial traditions—highlight its immense value. Supporting wildlife, reducing plastic dependency, and enhancing local economies, it deserves urgent promotion. I urge you to implement awareness programs, plantation initiatives, and incentives for cultivation and sustainable use. Encouraging community participation will strengthen biodiversity conservation. Let’s preserve our heritage and secure a greener future with increased palmyra plantations.
Sincerely,
Valiveti Madhavi Sree Lalitha M.Sc (Nutrition)
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Ram k
9 महीने 3 सप्ताह पहले
सरकार की बड़ी विवशताएं होती है पर जिस तरह का कांड सोनिया माता ने तुर्की एवं इटली के जरिए किया है, उसमें पूरी वसूली होनी चाहिए इनकी सारे धन पे भारत के काफिरों का पूरा अधिकार है और यदि संभव है तो सारा भांडा आम जनता में सार्वजनिक होना चाहिए। जो चुना तुर्की ने अपने ही लोगों पे लगाया है उसको भी सार्वजनिक करना चाहिए। हम सारी चीजें भविष्य पर नहीं छोड़ सकते है, जो आज संभव है वो आज ही करना चाहिए यदि सरकार के हाथ बंधे न हो तो। २००४ में भारत ने जो गलती की, उसके पश्चात भारत पे पूरा ही विदेशी कब्जा हो गया सोनिया माता के जरिए। हम इनकी कोई भी चिकनी चुपड़ी बातों में विश्वास नहीं करना चाहिए। यह आज वायदा कर के कल मुकर भी जाएंगे जैसे २००४ में मुकर गए थे। जब इनका उपयोग पूरा हो जाए, सारा लुटा हुआ धन मिल जाए फिर उनको अपने प्रिय शरिया कानून के जरिए सार्वजनिक पत्थरों से मृत्यु देनी चाहिए। २००४ इन्होंने आडवाणी को भी मूर्ख बनाया था कि २००९ में उसे प्रधानमंत्री बनने मिलेगा पर पश्चिम की एजेंसियों ने तब भी छल और धांधली कि और बताया कि भारत अभी पूरा बरबाद नहीं हुआ है इसलिए ५ वर्ष और लगेंगे लूटने को।
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EVEERESH
9 महीने 3 सप्ताह पहले
MY SELF E VEERESH FROM RAICHUR KARNATAKA. I WOULD LIKE TO INFORM YOU THAT I AM MARRIED PERSON AND HAVE 2 GIRL CHILD AND I HAVE NO JOB AND NO HOME NO AGRICULTURE LAND AND I HAVE TAKEN 50 THOUSAND LOAN IN THE SCHEME OF PM VISHWAKARMA( TAILORING), I HAVE NOT PAID 5 MONTHS EMI DUE TO NO MONEY NO JOB KINDLY DO THE NEEDFUL AS SOON AS EARLIER. MOB : 8971375267.
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SamirKumarDutta
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Try to join maan ki baat but failed. Any advice pl.?
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BHUVAN SINGH RAJPUT
9 महीने 3 सप्ताह पहले
I love my country India
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Rishav
9 महीने 3 सप्ताह पहले
Respected Prime Minister, why do we, as citizens, often fear police, judges, or government employees? Many times, we see them misuse their immense power over ordinary people in inhumane, brute ways—sometimes to prove superiority, other times to demand bribes or benefits. How are we supposed to deal with such individuals, who are the face of the government in our eyes? If we, especially the younger generation, feel uncomfortable or unsafe during interactions due to their harsh behavior, what lesson are we being taught? That we should be ruthless and exploit others for profit once we gain power? We rarely feel secure when forced to interact with them, and that’s deeply troubling.
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Mukund Prasad Gaur
9 महीने 3 सप्ताह पहले
गुलाम गीरी क्या है? किसी भी समाज/कौम को गुलाम बनाना हो तो उनके (5) पांच बल निकाल दो तो वे परमानेंट गुलाम हो जाते हैं। (1) बुद्धि बल- अर्थात उन्हें शिक्षा तथा ज्ञान देना बंद कर दो। (2) धन बल- उनके रोजगार छीनकर बेकार बना दो अर्थात उनका धन का स्त्रोत बंद कर दो। (3) बाहु बल- अर्थात जन बल खत्म कर दो, मतलब उनको जाति-जाति व धर्म- संप्रदाय मे बाँट दो। (4) सांस्कृतिक बल- अर्थात उनके पुर्वजों का इतिहास, भाषा, साहित्य खत्म कर दो। (5) मनोबल- मन को ही मार दो अर्थात उन्हें भाग्य, पाप-पुण्य, स्वर्ग-नर्क की सैर कराते रहकर उनका जानवरीकरण कराके (बैल जैसा) केवल सेवा देने के लिए जिंदा रखो और जब मनुष्य तथा उसका समाज गुलाम हो जाता है तब उनके सारे सदगुण अपने आप खत्म हो जाते हैं। क्योंकि सही (पाजीटिव) शिक्षा के बगैर मनुष्य वास्तविकता को जानने के बजाय काल्पनिक बातों पर विश्वास करने लगता है। सांस्कृतिक बल मतलब मनुष्य जब अपने पूर्वजों का इतिहास भाषा साहित्य को भूल जाता है तब वह प्रचार तंत्र की बलि चढ़कर, अपने शत्रु / मालिक के पूर्वजों को ही अपना संरक्षक गाड फादर समझता है। संदर्भ के लिए पढ़ें लिखित महान
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