Inviting ideas for PM Narendra Modi's Mann Ki Baat for December 2016

आरंभ करने की तिथि :
Dec 16, 2016
अंतिम तिथि :
Dec 24, 2016
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The 27th episode of Mann ki Baat would be on 25th December, 2016. Prime Minister Narendra Modi looks forward to sharing his thoughts on a number of themes and issues. As always, ...
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ratnakar trivedi
9 साल 4 महीने पहले
Sir
Govt shud come out with plan to impose cess on cash ,above a certain specified limit,withdrawn from bank by any customer.this will force people to move to cheque/ other electronic payment. This will in one way reduce subsequent cash transaction and also reduce burden on cash handling logistics
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग :मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे है! पंक्तिबद्ध देखकर मूर्खों फ़ोकट इतना चिल्लाओगे ? वाघा ,पुंछ,कारगिल से तो,उलटे-पैरों भाग आओगे ! योगस्थ:कुरु कर्माणि ही अब "नरेन्द्र" की वाणी है ! ज़र्रे-ज़र्रे से कला-धन,ख़त्म करने की ठानी हैं !
परम=श्रद्धेय मोदी जी को इंदौर से-अशोक दशोरा"सुमन" का सादर प्रणाम ! ! ! संपर्क : ०९४२५३४५९९९ /०९४२५४००९९९.धन्यवाद! जय भारत ! जय-हिन्द ! ! !
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग : मेरा"कौटिल्य'से नाता है, अर्थशास्त्र का मुझको ज्ञान ! कलुषित- काले धंधों वालों,मनु-स्मृति में है दण्ड-विधान ! मै लालच और स्वार्थ परे रख कर्मयोग-गुण गाता हूँ ! दुखी-दरिद्रों के अन्त्योदय की पीड़ा सुन पाता हूँ ! पंक्तिबद्ध नहीं है व्याकुल,नेता-धनपति दुखियारे है !"छाती-कूटा" करने वाले, काले-धंधों के मारे है! जहाँ हुकूमत के चाबुक का, ज़ोर दिखाई देता है! काले-धन के रखवालो को तम- घोर दिखाई देता है! मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
काले-धन के समर्थकों पर "मेरा प्रहार"मेरी कविता के रूप में आपको सादर समर्पित :
मै ईमान का पैरोकार हूँ,उज्जवलमन की आशा का!मुझको सारा भान तुम्हारे"धंधों" की परिभाषा का! जो यथार्थ में दीख रहा,मै उसको समझाता हूँ !"संजय"बनकर धृतराष्ट्रों को,आत्म-ज्ञान करवाता हूँ ! मैंने सहज-सरल लोगों को,पंक्ति में लगते देखा है ! झूठे, दम्भी,मक्कारों को अनर्गल बकते देखा है ! मै राम-कृष्ण का अनुयायी हूँ, पर-उपकार ही मेरा धर्म ! बरसों-बरस लूटनेवाल,अब तो कार्लो थोड़ी शर्म !
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग :मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे है! पंक्तिबद्ध देखकर मूर्खों फ़ोकट इतना चिल्लाओगे ? वाघा ,पुंछ,कारगिल से तो,उलटे-पैरों भाग आओगे ! योगस्थ:कुरु कर्माणि ही अब "नरेन्द्र" की वाणी है ! ज़र्रे-ज़र्रे से कला-धन,ख़त्म करने की ठानी हैं !
परम=श्रद्धेय मोदी जी को इंदौर से-अशोक दशोरा"सुमन" का सादर प्रणाम ! ! ! संपर्क : ०९४२५३४५९९९ /०९४२५४००९९९.धन्यवाद! जय भारत ! जय-हिन्द ! ! !
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग : मेरा"कौटिल्य'से नाता है, अर्थशास्त्र का मुझको ज्ञान ! कलुषित- काले धंधों वालों,मनु-स्मृति में है दण्ड-विधान ! मै लालच और स्वार्थ परे रख कर्मयोग-गुण गाता हूँ ! दुखी-दरिद्रों के अन्त्योदय की पीड़ा सुन पाता हूँ ! पंक्तिबद्ध नहीं है व्याकुल,नेता-धनपति दुखियारे है !"छाती-कूटा" करने वाले, काले-धंधों के मारे है! जहाँ हुकूमत के चाबुक का, ज़ोर दिखाई देता है! काले-धन के रखवालो को तम- घोर दिखाई देता है! मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
काले-धन के समर्थकों पर "मेरा प्रहार"मेरी कविता के रूप में आपको सादर समर्पित :
मै ईमान का पैरोकार हूँ,उज्जवलमन की आशा का!मुझको सारा भान तुम्हारे"धंधों" की परिभाषा का! जो यथार्थ में दीख रहा,मै उसको समझाता हूँ !"संजय"बनकर धृतराष्ट्रों को,आत्म-ज्ञान करवाता हूँ ! मैंने सहज-सरल लोगों को,पंक्ति में लगते देखा है ! झूठे, दम्भी,मक्कारों को अनर्गल बकते देखा है ! मै राम-कृष्ण का अनुयायी हूँ, पर-उपकार ही मेरा धर्म ! बरसों-बरस लूटनेवाल,अब तो कार्लो थोड़ी शर्म !
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dathu kumar
9 साल 4 महीने पहले
sir my name is dathu, everyone know in india agriculture is important sector but no one not taking any serious reforms in agriculture.we have many schemes but none of the scheme not working properly. because most of the farmers are uneducated so they don't know about that schemes. for example in my village most of lands are red soil but everyone plant cotton so they are loss by less productivity.So in my view 1st taking more awareness actions about schemes and take more useful schemes to agricul
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग :मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे है! पंक्तिबद्ध देखकर मूर्खों फ़ोकट इतना चिल्लाओगे ? वाघा ,पुंछ,कारगिल से तो,उलटे-पैरों भाग आओगे ! योगस्थ:कुरु कर्माणि ही अब "नरेन्द्र" की वाणी है ! ज़र्रे-ज़र्रे से कला-धन,ख़त्म करने की ठानी हैं !
परम=श्रद्धेय मोदी जी को इंदौर से-अशोक दशोरा"सुमन" का सादर प्रणाम ! ! ! संपर्क : ०९४२५३४५९९९ /०९४२५४००९९९.धन्यवाद! जय भारत ! जय-हिन्द ! ! !
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Ashok Dashora
9 साल 4 महीने पहले
कविता का शेष-भाग : मेरा"कौटिल्य'से नाता है, अर्थशास्त्र का मुझको ज्ञान ! कलुषित- काले धंधों वालों,मनु-स्मृति में है दण्ड-विधान ! मै लालच और स्वार्थ परे रख कर्मयोग-गुण गाता हूँ ! दुखी-दरिद्रों के अन्त्योदय की पीड़ा सुन पाता हूँ ! पंक्तिबद्ध नहीं है व्याकुल,नेता-धनपति दुखियारे है !"छाती-कूटा" करने वाले, काले-धंधों के मारे है! जहाँ हुकूमत के चाबुक का, ज़ोर दिखाई देता है! काले-धन के रखवालो को तम- घोर दिखाई देता है! मोदी जी की ताकत से, काले-महल अब डोल रहें है! एक-दशक से चुप गूंगे"मौनीबाबा"भी बोल रहे
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