Inviting Ideas and Suggestions for Union Budget 2025-2026

आरंभ करने की तिथि :
Jan 08, 2025
अंतिम तिथि :
Jan 16, 2025
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
The Ministry of Finance seeks your thoughtful ideas for the Union Budget 2025-26 which aims to reflect the aspirations and needs of the people, fostering inclusive growth and ...
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SHARIF SHAIKH
1 year 2 महीने पहले
बजट संबधित विषय नहीं हज पिछले वर्ष ₹50 हजार मौल्लीम का खर्च नहीं लेने की बात सऊदी ने की मगर खर्च ₹ 30 हजार बढ़ गया, हज कमिटी द्वारा प्रति हाजी दो लाख रुपये ज़्यादा लिये जा रहे है। साल भर 15 से 20 दिन का उमरा ₹ 60 से 80 हजार मे सभी इंतजाम के होता हैं, हज का खर्च दो ढाई गुना समझ ले तो 2 लाख होगा है फिर 4 लाख रुपये लेना और उमरा जैसा इंतजाम कमिटी नही देती, मतलब हज़ारो करोड़ का घोटाला है। हज का आधा कोटा पसमांदा तथा पैसे और वक्त की कमी से जुझने वालो के लिए 2025 मे 15 से 20 दिन का स्पेशल इकोनॉमिक प्रोग्राम बना सस्ता और आसान कराने मे मदद और जांच करा घोटालेबाजों का पर्दाफाश करे।
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TanuTiwari
1 year 2 महीने पहले
इस पोर्टल के माध्यम से सीधे जनता से कमेंट्स लेना सरकार का एक सराहनीय प्रयास है, जो कि जनभागीदारी को प्रदर्शित करता है | मैं भी यह कहना चाहूँगा कि 50 लाख से अधिक की प्रॉपर्टी में जमा किये जाने वाले टीडीएस (इनकम टैक्स 191-IA के तहत) के सम्बन्ध में जारी की गयी अंतिम तिथि 31 मई 2024 में कुछ संशोधन किया जाना चाहिए, क्योंकि बहुत से ऐसे खरीददार हैं जिन्होंने 31 मई24 से पहले प्रॉपर्टी खरीदी एवं नियम की जानकारी न होने के कारण क्रेता को बिना टीडीएस काटे पूरा भुगतान कर दिया, परन्तु किन्ही कारणों से विक्रेता द्वारा पैन आधार की लिंकिंग 31 मई 2024 के बाद कराई गयी (जो कि क्रेता के वश में भी नही था) | अब चूंकि विक्रेता को तो पूरा पैसा मिल ही चूका है और वो उसे लौटेगा भी नही, अतः केवल क्रेता को 20% टीडीएस अपनी पर्स से जमा करना की नोटिस देना सही नही है | भूलवश या देरी के कारण टीडीएस कटौती न किये जाने के फलस्वरूप लेट फीस एवं ब्याज के साथ सामान्य टीडीएस दर (1%) से भुगतान करना की पर्याप्त है | अतः 31 मई २०२४ की तारिख को आगे बढाकर या किसी अन्य सर्कुलर की मदद से ऐसे क्रेताओं की समस्या का निराकरण किया जा सके |
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SHARIF SHAIKH
1 year 2 महीने पहले
देश मे बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा मे सुधार सबसे बड़ा मुद्दा है, करों, पेट्रोलियम पदार्थों या रेडीरेकनर दरों में बढ़ोतरी यह उपाय नही, सरकार को राजस्व मिले, कोई नया कर भी ना लगे, जनता को रोज़गार भी प्राप्त हो, ऐसा मुमकिन है। सिर्फ सूचना, सुझाव लिख कर देने से काम नही होगा, हजारो सुझाव रोज़ाना इस माध्यम से आते हैं, किसी पर कार्य हुआ ऐसा नहीं लगता, हज़ारों करोड़ रुपये का राजस्व नियमित प्राप्त हो ऐसी एक योजना के दो पर्याय है, चर्चा करनी होगी, वित्तमंत्री राष्ट्र हित में इस बात का संज्ञान ले तथा प्रधानमंत्री जी को अवगत करा इस बजट सत्र उपरोक्त विषय पर गौर करें।
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Suman
1 year 2 महीने पहले
Sir, 31 May 2024 date in respect of TDS on sale of property (191IA) should be increased as there are a lot of people who purchased property worth more than 50 Lakh whose pan-Aadhar was not linked at that time & due to lack of awareness buyers paid full amount to sellers without any deduction. Now, even if a buyer wants to pay 1% TDS from his own pocket (since registry has taken place & sellers would not return Tds amount), he is asked to pay 20% TDS which is totally impractical to pay from own pocket. Some relief must be issued in this regard.
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SHOURYADEEPKOCHAR
1 year 2 महीने पहले
sharing my ideas for budget
mygov_1736963622154927332.pdf
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Rajesh
1 year 2 महीने पहले
There should be some provision, so that buyers of property costing more than 50 Lakh who forgot to deduct 1% TDS while purchase and have paid full amount to their sellers whose pan was not linked prior 31 May 2024, could deposit their 1% TDS with late fees. In this case, only buyers have been held liable for everything, 20% (one fifth of property value) with late fees & interest, is really big liability that they have solely to deal with.
Because there is very less awareness of TDS laws, the chances are high for late deduction & deposition and if seller’s pan was not linked prior 31 May 2024 and property transaction has already taken place prior 31 May 2024, buyers are in great distress. Some relaxation regarding this scenario must be released
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Akshaya A S
1 year 2 महीने पहले
I am proposing an idea on income tax payment. More details are there in an attached doc.
mygov_173696269313598071.pdf
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Piyush Atole
1 year 2 महीने पहले
• प्रत्येक जिल्हा मे MIDC मे उद्योग लाना चाहिए.IT sector के भी छोटे branches राज्य के प्रत्येक विभाग मे shift होणे चाहिए.
• चीडीया पक्षी की संख्या बढणी चाहिए.
• किसान के फसल जंगली प्राणी खाते है,जंगल मे उन्हे शाकाहारी millets के भांडार फॉरेस्ट कर्मचारी द्वारा पहुचाना चाहिए.व्हेज मीट देणे का प्रयोग मांसाहार प्राणी से करना चाहिए.
• प्रत्येक तालुका,गाव मे धार्मिक ग्रंथालय स्थापन करे.
• केवल विवाह मे उपयुक्त सोने खरेदी पर gst कम करे.
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ABHIJIT KUMAR
1 year 2 महीने पहले
Individual tax payer should get non-monetary benefit and social respect like politician & bureaucrats.
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ABHIJIT KUMAR
1 year 2 महीने पहले
Housing perks tax: Housing perks tax of employee of Public sector undertaking should be nil like Central govt employee. PSU employee HRA ( not getting in case of company Accomodation) is more than the market rental value of Accomodation.
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