Bhanu Sharma
7 महीने 1 week पहले
विषय: प्रशिक्षु नीति के प्रति हिमाचल के युवाओं की चिंता
माननीय प्रधानमंत्री जी,
सादर प्रणाम।
मैं आपका ध्यान हिमाचल प्रदेश की नई प्रशिक्षु नीति की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ, जिसके अंतर्गत युवाओं को परीक्षा पास करने के बाद दो वर्ष तक “प्रशिक्षु” के रूप में कार्य करना होगा, और पुनः परीक्षा में सफल होने पर ही स्थायी नियुक्ति मिलेगी। असफल होने पर सेवा से वंचित कर दिया जाएगा।
यह नीति युवाओं की मेहनत, धैर्य और भविष्य के साथ अन्याय है। तीन वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के समक्ष अब अनिश्चितता और दोहरी परीक्षा प्रणाली रख दी गई है।
एचपीएसएससी के स्थान पर बने HPRCA द्वारा अब तक कोई ठोस भर्ती शुरू नहीं हुई, जिससे हज़ारों युवाओं की उम्मीदें टूट रही हैं।
कृपया इस नीति पर पुनर्विचार हेतु राज्य सरकार को निर्देश दें और पारदर्शी संविदा नीति बहाल करवाएं।
हमारी लड़ाई नीतिगत है, व्यक्तिगत नहीं।
आपसे न्याय की अपेक्षा है।
भवदीय,
भानु शर्मा, सोलन, हिमाचल प्रदेश
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