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भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (आईआईसीईसी) द्वारका हेतू नाम एवं लोगो (मुद्रित प्रतीक) डिजाइन करने के लिए सुझाव देना

एमआईसीई (बैठक,प्रोत्साहन,सम्मेलन एवं प्रदर्शनी) पर्यटन के भारी ...
एमआईसीई (बैठक,प्रोत्साहन,सम्मेलन एवं प्रदर्शनी) पर्यटन के भारी कारोबारी संभावना का लाभ उठाने तथा भारत के उद्योगों के विकास और मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों से संबद्ध होने,पर्यटन एवं व्यापार तथा कारोबारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति एवं संबर्धन विभाग(डीआईपीपी) ने नई दिल्ली में एक अत्याधुनिक प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र के निर्माण की पहल की है। रू.26,000 करोड़ की कुल अनुमानित लागत पर भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (आईआईसीईसी) परियोजना समूचे दक्षिण एशिया में अपने तरह का सबसे बड़ा उपक्रम है और भारत तथा विश्व स्तर पर एमआईसीई कार्यकलापों के लिए प्रमुख स्थल के रूप में कार्य करते हुए यह भारत के लिए गेम चेंजर के रूप में कार्य करेगा। परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 नवंबर,2017 से अनुमोदित कर दिया गया है और इसका विकास व रखरखाव भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र लि. जो औद्योगिक नीति एवं संबर्धन विभाग के माध्यम से पूर्ण रुपेण भारत सरकार के स्वामित्वाधीन विशेषोद्देश्य कंपनी है, द्वारा किया जाएगा। दिल्ली मुंबई औद्योगिक कोरिडोर विकास निगम इसके विकास के लिए नालेज पार्टनर(ज्ञान सहयोगकर्ता) के रूप में काम कर रही है।
परियोजना का सेक्टर-25, द्वारका, नई दिल्ली के पास लगभग 225 एकड़ भूमि में विकास किए जाने का प्रस्ताव है जो इंदिरा गांधी हवाई अड्डा से तकरीबन 3 किमी. की दूरी पर है। सेक्टर—21 द्वारका से भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (आईआईसीईसी) परिसर को विशेष रूप से जोड़ने के लिए मेट्रो एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार किया जा रहा है। सेक्टर-22 स्थित अंतर्राज्यीय बस अड्डा प्रस्तावित भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र (आईआईसीईसी) स्थल के विकर्णवत सामने है। इस प्रकार यह स्थल मौजूद और प्रस्तावित अनेक सड़क,रेल और ट्रांजिट संपर्क मार्गों के बिलकुल नजदीक है।
इस बिजनेस डिस्ट्रिक्ट का 3,03.000 वर्ग मी. का प्रदर्शनी एवं सम्मेलन परिसर होगा जिसमें 50,000 वर्ग मी. का बहु-उद्देश्यीय एरेना (क्रीडांगन) होगा जिसके साथ में 275,000 वर्ग मी. होटल और 375,000 वर्ग मी. रिटेल,मनोरंजन एवं कार्यालयों के वाणिज्यिक स्थल बनेंगे। यह एक समेकित परिसर होगा जिसमें अनेक परस्पर लाभकारी सुविधाएं,प्रदर्शनी हाल,सम्मेलन केंद्र और बैठक सुविधाएं, बैंकेट हाल आडिटोरियम(प्रेक्षागृह), होटल, एफ एंड बी आउटलेट,और रिटेल सुविधाएं होंगी। यह एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का आईकन ब्रैंड होगा जिससे भावी विकास एवं उन्नति को बढ़ावा मिलेगा और नवोन्मेषी डिजाइन के लिए इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान होगी जिसमें नवीन हरित भवन की विशेषताओं के साथ स्थानीय भित्तीचित्रों और भारत के महलों की प्राचीन अवधारणा का प्रतिनिधित्व होगा। परियोजना के संबंध में अधिक विवरण के लिए देखेः https://youtu.be/Yxodl9bxO6Y।
भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी केंद्र लि. इस विकासोन्मुख उपक्रम के लिए एक विशिष्ट नाम के साथ “लोगो” (प्रतीक) बनवाना चाहती है। यह लोगो आकर्षक होना चाहिए तथा परियोजना के उद्देश्य और मूल्य का प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होना चाहिए।
विजेता प्रविष्टि को पुरस्कार स्वरूप 75,000 रू. (रू. पचहत्तर हजार मात्र) की राशि प्रदान की जाएगी।
प्रविष्टि जमा करने की अंतिम तारीख हैः 12 मार्च, 2018, 11:59 अपराह्न।
नियम एवं शर्तें देखने हेतु यहाँ क्लिक करें।
किसी भी प्रतियोगिता से संबंधित प्रश्नों के लिए, कृपया इस पर लिखें:
प्रांजल प्रतीक
प्रबंधक-इन्फ्रा विकास, आईआईसीसी
ईमेल: iiccdwarka+mygov@gmail.com
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