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भारत को स्किल कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड बनाने के लिए विचारों और सुझावों का आमंत्रण

Inviting creative ideas and suggestions to make India the Skill Capital of the world
आरंभ करने की तिथि :
Jul 14, 2021
अंतिम तिथि :
Sep 17, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत के युवा कल के पथप्रदर्शक हैं, जो देश के विकास में अपनी ...

भारत के युवा कल के पथप्रदर्शक हैं, जो देश के विकास में अपनी क्रिएटिविटी, कौशल और इनोवेटिव माइंडसेट से योगदान करते हैं. आने वाले दिनों में युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि हम एक वैश्विक महामारी से उबरकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए तैयार हो रहे हैं.

माननीय प्रधानमंत्री ने पिछले साल युवाओं को तेजी से बदलते व्यापार वातावरण और बाजार परिस्थितियों में बने रहने के लिए ‘स्किल, री-स्किल और अप-स्किल का मंत्र दिया था.

युवाओं को रोजगार, गुणवत्तापूर्ण कार्य और उद्यमिता कौशल से लैस करने के रणनीतिक महत्व पर जोर देने के लिए 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस के रुप में मनाया जाता है.

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय भारत को दुनिया के स्किल कैपिटल के रुप में स्थापित करने के लिए रचनात्मक विचार और सुझाव आमंत्रित करता है.

प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 17 सितंबर 2021 है.

फिर से कायम कर देना
3078 सबमिशन दिखा रहा है
Arun Tomar
Arun Tomar 4 साल 5 महीने पहले
कक्षा पांच से वैज्ञानिक स्कूल या विज्ञान स्कूलों की स्थापना कर देनी चाहिए ।जहां बच्चे कल-पुर्जों की तोड़-फोड़ और उन्हे खोलते फिरते रहे ।जहां उनकी गतिविधियों को वैज्ञानिक सोच में बदलने का आधार विकसित हो सके ।अगर हम वैज्ञानिक संस्कार और सोच प्रारंभ से ही बच्चों को देंगे तो उनके बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे ।परिजनों और प्राथमिक स्कूलों को बच्चे की विशेष योग्यता को परखना होगा ।हम नवोदय स्कूलों को भी इसमें बदल सकते है या नये निर्मित कर सकते है । बहुत धन्यवाद 🙏🙏🌹😊😊
Arun Tomar
Arun Tomar 4 साल 5 महीने पहले
हमें ऐसे स्कूल भी खोलने चाहिए और ऐसा पाठ्यक्रम भी निर्मित करना चाहिए जिनकी विषय वस्तु सिर्फ तकनीकी ज्ञान से जुड़ी हो ।इसमें विशेष योग्यता रखने वाले बच्चों को प्रवेश देना चाहिए । इस तरह के बच्चे की शिक्षा इस तरह से होने पर वह अधिक विलक्षण बनाया जा सकेगा जो उपयोगी आविष्कारक सिध्द होगा । इस तरह के स्कूलों का नाम "विज्ञान स्कूल" या "वैज्ञानिक स्कूल" होना चाहिए ।जो आईआईटी या अन्य वैज्ञानिक संस्थानों से संचालित होने चाहिए ।
Nirav Joshi
Nirav Joshi 4 साल 5 महीने पहले
केंद्र सरकार और राज्य सरकार को मिलकर हर राज्यों में विज्ञान मेले का आयोजन करना चाहिए। मेले को विषय आधारित होना चाहिए जैसे कि रिन्यूएबल एनर्जी, जलवायु या वातावरण परिवर्तन / वैश्विक तापमान, स्पेस साइंस, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, डिजिटलाइजेशन.
Nirav Joshi
Nirav Joshi 4 साल 5 महीने पहले
IIT और IIM की तुलना में अधिक आईआईएससी (IISC) (भारतीय विज्ञान संस्थान (Indian Institute of Science)) की स्थापना की जानी चाहिए। प्रस्तावित राज्यों में लद्दाख, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और उत्तर पूर्वी राज्य होने चाहिए।
Kishore Kumar
Kishore Kumar 4 साल 5 महीने पहले
Include the skill practical classes as part of the curriculum as normal periods. Like, Electronic devices servicing, Crafts like Pottery, textiles, Agriculture - plantation, farming etc.. ,Moral Classes which are missed lately etc... Home skills - basic Electrical repairing, basic Plumbing etc...
Kishore Kumar
Kishore Kumar 4 साल 5 महीने पहले
Making compulsory of essential service like police, defence, intelligence for every students who planning to join in the govt job. Every student should join any of the essential service for some minimum period before applying for any govt job. This will help both govt and individual. Govt gains with the resource management and individual gain with the discipline, service mind etc...
Kishore Kumar
Kishore Kumar 4 साल 5 महीने पहले
Our education system to be changed from academic metrics to Skill based metrics. The education should give freedom to chosen specialization from 9th Class itself with maximum practical knowledge. Also before or part of under graduate program , The student should gather knowledge and practical experience in the area. ex: If the student selected Accounts as primary, he should go for practical work experience in the respective govt dept...