समावेशी भारत पहल प्रतियोगिता - सभी के लिए समावेशी सोसायटी की ओर प्रगति पथ

Inclusive India Initiative Competition - Progressing towards an Inclusive Society for all
Last Date Jul 05,2017 00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

स्वयं-वकालत या जिसे आप सेल्फ एडवोकेसी कहते हैं| ये वे होते हैं जो अपनी ...

स्वयं-वकालत या जिसे आप सेल्फ एडवोकेसी कहते हैं| ये वे होते हैं जो अपनी जिंदगी पर नियंत्रण कर रहे होते हैं खासकर इसमें उनकी अपनी चिकित्सा आवश्यकताओं के प्रभार भी शामिल होते हैं। स्वयं-वकालत आंदोलन ही तो विकलांग लोगों के बारे में खुद के लिए बोल रहा है और दूसरों को इस जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित करता है। इसका मतलब ये है कि है कि एक विकलांग व्यक्ति दूसरों के समर्थन के बिना भी आगे बढ़ सकता है| व्यक्ति को अपने स्वयं के संसाधनों के नियंत्रण में रखकर किसी भी काम या चीज को निर्देशित करना मायने रखता है। जिसका वह हकदार है । मतलब साफ है कि वो दूसरों के द्वारा अनुचित प्रभाव या नियंत्रण के बिना जीवन निर्णय लेने का अधिकार वह रखता है ।

इस प्रतियोगिता में कौन भाग ले सकता है?
विकासात्मक और बौद्धिक विकलांगता के साथ फोकस ग्रुप के सेल्फ एडवोकेसी

प्रविष्टियां जमा करने की श्रेणियां:
1. वीडियो
2. लेख / निबंध / कहानियां

विषय:
1. विश्व को आपकी सफलता की कहानियां सुनने में खुशी होगी। हमारे साथ शेयर करें।
2. एक संस्था को किस तरह विकासात्मक और बौद्धिक विकलांग लोगों के लिए अनुकूल बनाया जा सकता है
3. आपकी सफल यात्रा में आने वाली बाधाएं क्या रही और आप इसे कैसे दूर करते रहे हैं?
4. फोकस समूह को शामिल करने के लिए अपनाई जाने वाली विशेष तकनीकों पर एक नोट लिखें।

प्रतियोगिता की समय सीमा- 5 जुलाई 2017

प्रस्तावित पुरस्कार राशि:
पहला पुरस्कार - रु 5,000 / -
दूसरा पुरस्कार - रु 3000 / -
तीसरा पुरस्कार - रु 2,000 / -

नोटः भागीदारी की प्रमाणपत्र सभी प्रविष्टियों को दिया जाएगा।

इस प्रतियोगिता से जुड़े नियम और शर्तों को जानने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं

विवरण देखें Hide Details
इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
28
कुल
28
स्वीकृत
0
समीक्षाधीन
रीसेट
28 सबमिशन दिखा रहा है
19500
SIMRAN_107 2 साल 5 महीने पहले

Since the goals are wide and sweeping, each country may decide to prioritize so as to take
up some goals immediately and others a little later, not forgetting that all of them have to be
pursued, and possibly achieved within a time frame of 15 years.
Academic researchers can think of devising models to suggest to governments and
policy makers on how to implement the goals and ways to measure the progress as the
process moves forward.

140
sanjay kakatkar 2 साल 5 महीने पहले

Sir,
Good morning,
Last year I started, social upliftment programme, with Regd. Multipurpose coop society in Belgaum, Karnataka, I create small small customers, members, with daily collection, but, after declaration of DEMONETIZATION, I face lot of problems, to set cash withdrawals, because at initial stage I invest some amounts in lands to get proper returnS. Hence, I haven't sufficient funds, nor any financial, help from any institutions.
I planned to create more jobs. But, badluck.
Help.

140
sanjay kakatkar 2 साल 5 महीने पहले

When unlimited calls and data are available only in Rs. 350/-
Then why members of Parliament are getting Rs. 15000/- as telephone allowance ?

Raise this question and send it in all groups.
Nearly 550 members of parliament multiplied by Rs 15000/- thats Rs.82,50,000/-
Only wastage of our tax money.